‘जीरो हार्म’ की ओर मजबूत कदम: बालको की ‘सुरक्षा संकल्प’ पहल ने पूरे किए 4 वर्ष, सुरक्षा बनी कार्य संस्कृति की पहचान






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा**/बालकोनगर, 26 दिसंबर 2025
वेदांता समूह की अग्रणी इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी प्रमुख मासिक सुरक्षा पहल ‘सुरक्षा संकल्प’ के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। यह उपलब्धि कार्यस्थल सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और कर्मचारियों के समग्र कल्याण को लेकर बालको की अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। बीते चार वर्षों में यह पहल सुरक्षा को केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न आधार बनाने में सफल रही है।
दिसंबर 2021 में प्रारंभ की गई ‘सुरक्षा संकल्प’ पहल ने सुरक्षा को किसी पृथक गतिविधि के बजाय मूल प्रचालन अनुशासन के रूप में स्थापित किया है। प्रत्येक माह की पहली तारीख को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम काउंसलिंग, खतरा आकलन, रियल-टाइम फीडबैक और सुधारात्मक कार्यों की सघन निगरानी सुनिश्चित करता है। चार वर्षों में इस पहल ने कर्मचारियों एवं व्यावसायिक साझेदारों के बीच नियमों के अनुपालन, जोखिम के प्रति सजगता और जवाबदेही की भावना को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है।
इस पहल के 48वें सत्र में 1,500 से अधिक कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों की सक्रिय भागीदारी रही, जो इसकी व्यापक स्वीकार्यता और प्रभाव को दर्शाती है। प्रत्येक माह एक विशिष्ट सुरक्षा विषय पर केंद्रित सत्रों के माध्यम से सार्थक संवाद, ऑडिट और सुधारात्मक कदम उठाए गए, जिससे संगठन में साझा जिम्मेदारी और सुदृढ़ सुरक्षा संस्कृति का विकास हुआ है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि “बालको में सुरक्षा हमारी ‘जीरो हार्म’ सोच पर आधारित एक सतत प्रतिबद्धता है। ‘सुरक्षा संकल्प’ ने हमें अपने प्रचालन में सुरक्षा से जुड़े व्यवहारों का नियमित मूल्यांकन और निरंतर सुधार करने में सक्षम बनाया है। हमारा फोकस केवल नियमों तक सीमित नहीं, बल्कि कर्मचारियों में सही मानसिकता, जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करने पर है। तकनीक-सक्षम निगरानी और नियमित संवाद के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सुरक्षा हमारी दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनी रहे।”

सुरक्षा संकल्प के अंतर्गत सड़क एवं यातायात सुरक्षा, संकुचित स्थानों का सुरक्षित प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता और व्यवहार आधारित सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी जाती है। मासिक थीम के तहत 3,000 से अधिक संकुचित स्थानों का विशेष ऑडिट कर संभावित जोखिमों की पहचान की गई और उन पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही डिफेंसिव ड्राइविंग जैसे नियमित प्रशिक्षणों के माध्यम से चालकों को सुरक्षित संचालन के लिए जागरूक किया गया, जबकि 250 से अधिक नए कर्मचारियों को संरचित सुरक्षा सत्रों के जरिए शुरुआत से ही सुरक्षा के प्रति तैयार किया गया।
बालको ने व्यवहार आधारित सुरक्षा पहलों के साथ अत्याधुनिक तकनीकी समाधानों को भी प्रभावी रूप से एकीकृत किया है। एआई-सक्षम टी-पल्स (एचएसएसई) मॉनिटरिंग सिस्टम और सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (सीएसओसी) के माध्यम से ऑन-ग्राउंड गतिविधियों, यातायात और सप्लाई चेन की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। वहीं, कोल यार्ड में हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम संभावित खतरों की समय रहते पहचान सुनिश्चित करता है।
संयंत्र परिसर में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) जैसी उन्नत व्यवस्थाओं से वाहन सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही विश्व मधुमेह दिवस पर स्वास्थ्य जांच एवं प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसे प्रयासों के माध्यम से कर्मचारियों के समग्र कल्याण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
वहीं ‘सेफ्टी स्टूअर्ड्स’ पहल के जरिए शॉप-फ्लोर कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों को सुरक्षा नेतृत्व के लिए सशक्त किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा बालको में केवल एक नीति न रहकर संगठनात्मक संस्कृति और दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बनती जा रही है।
चार वर्षों में ‘सुरक्षा संकल्प’ ने यह सिद्ध कर दिया है कि बालको में सुरक्षा केवल दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प और कार्य संस्कृति का मजबूत स्तंभ है, जो संगठन को सुरक्षित, जिम्मेदार और सतत विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर कर रहा





