शिक्षक बनने की राह में संवाद कौशल सबसे बड़ी ताकत — कमला नेहरू महाविद्यालय में बीएड छात्र-अध्यापकों को दी भावपूर्ण विदाई


प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर बोले—मंच ही बनाता है आत्मविश्वासी वक्ता, विद्यार्थियों ने गीत-संगीत और अनुभव साझा कर यादगार बनाया समारोह
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं बल्कि समाज को दिशा देने वाला व्यक्तित्व होता है, और इसके लिए प्रभावी संवाद व वक्तृत्व कला बेहद जरूरी है। जो व्यक्ति अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सकता है, वही समाज और विद्यार्थियों के बीच अपनी विशेष पहचान बना पाता है। यह बातें डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने शनिवार को कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में शिक्षा संकाय द्वारा आयोजित बीएड द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के विदाई समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि मंच विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास भरने के साथ उन्हें एक शांत, संतुलित और प्रभावी वक्ता बनने का अवसर प्रदान करता है। जो विद्यार्थी मंच पर आकर अपनी प्रतिभा को व्यक्त करने का साहस रखते हैं, वही जीवन में आगे बढ़कर बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। प्राचार्य ने छात्र-अध्यापकों से कहा कि उनके माता-पिता ने बड़ी उम्मीदों और मेहनत की कमाई से उन्हें शिक्षा दिलाई है, इसलिए उनके विश्वास पर खरा उतरना अब विद्यार्थियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम की शुरुआत परंपरा के अनुरूप सरस्वती वंदना एवं मां वीणापाणि के पूजन-अर्चन से हुई। बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा नियति गुप्ता ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर माहौल को सरस बना दिया। इसके बाद बीएड द्वितीय वर्ष के वरिष्ठ विद्यार्थियों कमल अजय, अमीषा कंवर, अक्षय प्रधान एवं ज्योति पटेल ने महाविद्यालय में बिताए अपने अनुभव साझा किए और शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का आधार बताया।
इस अवसर पर बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा तान्या श्रीवास ने भी सुमधुर गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। समारोह में शिक्षा संकाय की विभाग प्रमुख डॉ. भारती कुलदीप, डॉ. रश्मि शुक्ला, डॉ. अंजू खेस्स, प्रीति द्विवेदी, नितेश कुमार यादव, राकेश गौतम, शंकरलाल यादव और कुणाल दासगुप्ता सहित शिक्षा संकाय के शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन बीएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अल्पा सोनी और शिव कुमार ने किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-अध्यापक हुए सम्मानित
समारोह के दौरान अध्ययन-अध्यापन, स्वीप प्लान, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-अध्यापकों को सम्मानित किया गया। शिक्षा सत्र 2022-23 की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने पर मुक्ता सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा आंचल राठौर, स्वाति निर्मलकर, सपना रानी, सरिता चौहान, राजेश्वरी, सुजाता यादव, मनीषा जायसवाल, प्रतिमा चौहान, राधिका सोनी और ममता पैगवार सहित अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
भावनाओं, स्मृतियों और उत्साह से भरे इस विदाई समारोह ने छात्र-अध्यापकों के लिए महाविद्यालय के दिनों को और भी यादगार बना दिया।


