अटल विचारों की लौ से प्रज्वलित हुआ महिला मोर्चा: दीप प्रज्वलन के साथ राष्ट्रसेवा और संगठनात्मक संकल्प का हुआ सशक्त उद्घोष






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा एक भावगंभीर, प्रेरणास्पद एवं संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अटल जी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा उनके राष्ट्रवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के विराट व्यक्तित्व और दूरदर्शी नेतृत्व को स्मरण करते हुए कहा कि “अटल जी केवल एक युगपुरुष नेता नहीं थे, बल्कि वे भारत की चेतना, संस्कृति और लोकतांत्रिक आत्मा के प्रतीक थे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, सुशासन और मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत रहा है। महिला मोर्चा अटल जी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।”
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती वैशाली रत्नपारखी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीति को गरिमा, संवाद और वैचारिक ऊँचाई प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए अटल जी का जीवन संघर्ष, सहिष्णुता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की अमूल्य प्रेरणा है।

कार्यक्रम में कोरबा मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती शीतल विश्वकर्मा, कोसाबाड़ी मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती स्वामी कश्यप सहित महिला मोर्चा की जुझारू, निष्ठावान एवं समर्पित कार्यकर्ता गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सभी ने दीप प्रज्वलन कर अटल जी के आदर्शों को आत्मसात करने तथा संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय और जनोन्मुखी बनाने का संकल्प दोहराया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण राष्ट्रभक्ति, श्रद्धा और संगठनात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। महिला मोर्चा की अनुशासित उपस्थिति, वैचारिक स्पष्टता और सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के सपनों के सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिलाएँ अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं।
यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अटल विचारधारा को जीवंत रखने वाला प्रेरणास्रोत, वैचारिक चेतना और संगठनात्मक शक्ति का प्रभावी प्रदर्शन बनकर





