January 21, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में समाज, नीति निर्धारक और शिक्षक सभी की साझा जिम्मेदारी – ओ.पी. चौधरी कलाधानी रायगढ़ में दो दिवसीय प्रांतीय शिक्षक सम्मेलन बना शैक्षिक मंथन का केंद्र

 

CG VSK APP हटाकर विद्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**  रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
छत्तीसगढ़ की कलाधानी रायगढ़ में तीन एवं चार जनवरी को छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के तत्वावधान में दो दिवसीय प्रांतीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन प्रमुख संगठन मंत्री श्री ओंकार सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन तथा प्रांत अध्यक्ष श्री संजय सिंह ठाकुर के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस विशाल शैक्षिक समागम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित – इन चार पुरुषार्थों को केंद्र में रखकर शिक्षक समाज को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ना था। दो दिनों तक चले इस वैचारिक कुंभ में प्रदेशभर से हजारों शिक्षक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कोरबा जिले से जिलाध्यक्ष श्री मानसिंह राठिया के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

 

 

शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहीं, चरित्र निर्माता – उद्घाटन सत्र
उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता श्री नारायण नामदेव (पालक संघ अधिकारी) ने कहा कि शिक्षक केवल सूचनाओं का प्रदाता नहीं बल्कि समाज के चरित्र निर्माण का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षक आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित नहीं होगा, तब तक शिक्षा व्यवस्था अपने व्यापक उद्देश्यों को पूर्ण नहीं कर सकती।
NEP 2020 पर गंभीर विमर्श
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) पर विशेष शैक्षिक सत्र आयोजित किया गया।
इस अवसर पर प्राध्यापक आलोक शर्मा, श्री बी. रघु (उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल) एवं डाइट प्राचार्य श्री अनिल पैकरा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से नीति के मूल तत्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि NEP-2020 के प्रमुख स्तंभ मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास एवं रटंत प्रणाली से मुक्ति हैं। यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान करती है।
समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर बौद्धिक सत्र
सम्मेलन में “समाज और राष्ट्र निर्माण में परिवर्तन” विषय पर बौद्धिक चर्चा आयोजित की गई।
इस सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह ने शिक्षकों के पांच प्रमुख उत्तरदायित्व रेखांकित किए—
स्वदेशी का भाव, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता एवं नागरिक कर्तव्यों का पालन, जिसे स्वयं एवं परिवार से प्रारंभ करने का आह्वान किया गया।
शिक्षा की गिरती गुणवत्ता के लिए शिक्षक अकेले दोषी नहीं – ओ.पी. चौधरी
सम्मेलन का समापन समारोह माननीय श्री ओ.पी. चौधरी (मंत्री – वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, वाणिज्य कर विभाग, छत्तीसगढ़ शासन) के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
उन्होंने छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के चार पुरुषार्थों की सराहना करते हुए कहा कि संघ ने अपने हित को अंतिम स्थान पर रखकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी, जो प्रशंसनीय है।
माननीय मंत्री श्री चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासकीय विद्यालयों की गिरती गुणवत्ता के लिए केवल शिक्षक को दोषी ठहराना उचित नहीं, बल्कि समाज और नीति निर्धारकों की भी समान जिम्मेदारी है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सामुदायिक सहभागिता को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
प्रांतीय महासभा में शिक्षकों की प्रमुख मांगें रखीं
सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित प्रांतीय महासभा बैठक में शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं एवं मांगों को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखा गया, जिनमें—
सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान
रायपुर में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ प्रांतीय कार्यालय हेतु भूखंड
छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग का पुनर्गठन
भर्ती पदोन्नति नियम 2025 का शीघ्र प्रकाशन
CG VSK APP के स्थान पर प्रत्येक विद्यालय में बायोमेट्रिक डिवाइस
शिक्षा विभाग में प्रभारवाद की समाप्ति
एल.बी. संवर्ग की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से
RMSA हाई स्कूलों में संस्कृत व्याख्याता, भृत्य, लिपिक एवं स्वीपर पदों का पुनर्जीवन
सहायक शिक्षक से पदोन्नत ग्रंथपालों हेतु नियम बनाकर राजपत्र प्रकाशन
जैसी महत्वपूर्ण मांगें प्रमुख रहीं।
गरिमामय उपस्थिति
सम्मेलन में कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्री उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री श्री मनोज राय, उप प्रांताध्यक्ष डॉ. अशोक गुप्ता, संभागीय अध्यक्ष डॉ. तरुण राठौर, संभागीय संगठन मंत्री श्री शंकरदयाल साव, जिलाध्यक्ष श्री मानसिंह राठिया, संभागीय उपाध्यक्ष श्री राधारमण श्रीवास, सचिव श्री हबेलसिंह अघरिया, कोषाध्यक्ष श्री छोटेलाल पटेल, सहित
डी.डी. साहू, राजेश तिवारी, एफ.एल. साहू, गोरेलाल साहू, विनोद जायसवाल, गुलाबदास महन्त, चन्द्र कुमार चंद्रा, आर.डी. श्रीवास, रामनारायण राजवाड़े, छतराम राजवाड़े, कुमारेश गौतम, नंद कुमार पटेल, सुभाषचंद्र डडसेना, सुरेन्द्र कंवर एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
उक्ताशय की जानकारी जिलाध्यक्ष श्री मानसिंह राठिया ने दी।

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