**“अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ” का खतरनाक झांसा RILU ऐप के नाम पर साइबर ठगी का जाल, छत्तीसगढ़ से गुजरात तक युवाओं को बनाया जा रहा डिजिटल शिकार**






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****// छत्तीसगढ़/ अंबिकापुर /
रिपोर्टर अंबिकापुर भारत***/ “अब अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ, क्योंकि आपके शहर की 10 हजार लड़कियां इस ऐप पर एक्टिव हैं” —
महज़ 16 सेकेंड के इस भड़काऊ और उत्तेजक विज्ञापन के जरिए एक संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन RILU ऐप छत्तीसगढ़ सहित गुजरात और अन्य राज्यों के युवाओं को अपने जाल में फंसाने की सुनियोजित साजिश चला रहा है। यह विज्ञापन फेसबुक जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से प्रसारित किया जा रहा है, जिससे इसकी पहुंच लाखों लोगों तक बन रही है।
स्थानीय शहरों के नाम लेकर भरोसे की ठगी
RILU ऐप के प्रचार में सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसमें स्थानीय शहरों और कस्बों के नाम जानबूझकर जोड़े जा रहे हैं, ताकि लोगों को लगे कि यह ऐप उनके ही क्षेत्र से जुड़ा है।
छत्तीसगढ़ में—
अंबिकापुर
प्रतापपुर
लुंड्रा
रामानुजगंज
उदयपुर
वहीं गुजरात में भी स्थानीय शहरों के नाम जोड़कर युवाओं को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि उनके इलाके की “हजारों लड़कियां” इस ऐप पर मौजूद हैं।
साइबर विशेषज्ञ इसे लोकेशन-बेस्ड साइबर ट्रैप बता रहे हैं, जिसमें भावनाओं और अकेलेपन का फायदा उठाया जाता है।
डेटा चोरी और वित्तीय फ्रॉड का बड़ा खतरा
साइबर जानकारों के अनुसार इस तरह के ऐप्स का असली मकसद दोस्ती या रिश्ता नहीं, बल्कि—
यूजर्स का व्यक्तिगत डेटा चुराना
मोबाइल की पूरी जानकारी पर कब्जा करना
और बाद में ऑनलाइन ठगी या ब्लैकमेलिंग करना होता है
ऐप इंस्टॉल करते ही यह—
मोबाइल कॉन्टैक्ट लिस्ट
फोटो और वीडियो
लाइव लोकेशन
ओटीपी
बैंकिंग व UPI से जुड़ी जानकारियां
जैसी अत्यंत संवेदनशील परमिशन मांगता है। एक बार अनुमति मिलते ही व्यक्ति साइबर अपराधियों के निशाने पर आ जाता है।

फर्जी प्रोफाइल और बॉट से चल रहा खेल
RILU ऐप में “हजारों लड़कियों के एक्टिव होने” का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत में—
अधिकतर प्रोफाइल फर्जी या बॉट द्वारा संचालित होती हैं
शुरुआती चैटिंग के बाद
प्रीमियम मेंबरशिप के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं
निजी फोटो/वीडियो लेकर ब्लैकमेल किया जाता है
कई मामलों में डिजिटल हनीट्रैप तक की शिकायतें सामने आती हैं
छत्तीसगढ़ के बाद गुजरात बना नया टारगेट
सूत्रों के मुताबिक RILU ऐप का नेटवर्क अब छत्तीसगढ़ से आगे बढ़कर गुजरात में भी तेजी से फैलाया जा रहा है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जहां डिजिटल जागरूकता अपेक्षाकृत कम है।
यह पूरा मामला किसी संगठित साइबर गिरोह की ओर इशारा करता है, जो सोशल मीडिया एल्गोरिदम और विज्ञापन सिस्टम का दुरुपयोग कर रहा है।
भारत सम्मान की नागरिकों से सख्त अपील
भारत सम्मान सभी नागरिकों से अपील करता है कि—
ऐसे भ्रामक और उत्तेजक सोशल मीडिया विज्ञापनों से सावधान रहें
किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें
मोबाइल में अनावश्यक परमिशन बिल्कुल न दें
किसी भी तरह की ठगी, ब्लैकमेलिंग या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में
तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें
प्रशासन और फेसबुक से जवाबदेही के सवाल
अब सवाल यह है—
फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापनों को अनुमति कैसे मिल रही है?
RILU ऐप के संचालक कौन हैं और कहां से ऑपरेट कर रहे हैं?
क्या छत्तीसगढ़ और गुजरात की साइबर पुलिस इस नेटवर्क की जांच कर रही है?
क्या आईटी एक्ट और साइबर कानूनों के तहत कार्रवाई होगी?
सावधान रहें, सतर्क रहें
ऑनलाइन रिश्तों और प्यार के नाम पर बिछाए जा रहे इस डिजिटल जाल से बचना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
एक गलत क्लिक आपकी निजी जिंदगी, पैसा और प्रतिष्ठा — तीनों को खतरे में डाल सकता है।
सतर्क नागरिक ही सुरक्षित भारत की पहली दीवार है





