जवाली में 38 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाता त्रिदिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह, सतनाम संस्कृति और सामाजिक समरसता का होगा भव्य संगम






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा *****/ कटघोरा / कोरबा।
सतनाम पंथ के प्रवर्तक, छत्तीसगढ़ की महान आध्यात्मिक विभूति परम पूज्य संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती के पावन अवसर पर ग्राम जवाली (जोड़ा जैत खम्ब मोहल्ला), विकासखंड कटघोरा, जिला कोरबा में त्रिदिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह 2025 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सतनाम कल्याण समिति के तत्वाधान में विगत 38 वर्षों की परंपरा का निर्वहन करते हुए बड़े हर्षोल्लास, श्रद्धा और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ संपन्न होगा।
18 दिसंबर को गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रतिवर्ष पर्व आयोजन के संकल्प के साथ इस त्रिदिवसीय समारोह की औपचारिक घोषणा की गई। समिति ने बताया कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि सतनाम पंथ की संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को सशक्त करने का अभियान है।
कार्यक्रम का विस्तृत स्वरूप
प्रथम दिवस – 29 दिसंबर 2025 (सोमवार)
शाम 6:00 बजे से विधिवत पूजन-आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके पश्चात पंथी नृत्य रिकॉर्डिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागी दलों को विशेष नगद पुरस्कार एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
द्वितीय दिवस – 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार)
राज्य के विभिन्न जिलों से आए पंथी नृत्य कलाकारों द्वारा पारंपरिक पंथी नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इस दिन सतनाम पंथ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन का सजीव प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
तृतीय व समापन दिवस – 31 दिसंबर 2025 (बुधवार)
वर्ष के अंतिम दिन डीजे साउंड के साथ गुरु घासीदास बाबा जी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम 5:00 बजे जोड़ा जैत खम्ब में पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद रात्रि 8:00 बजे से रात्रि जागरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय गायिका तारा कुलकर्णी द्वारा “मोर छत्तीसगढ़ धरोहर” छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोक कला मंच की प्रस्तुति दी जाएगी।
गुरु घासीदास बाबा जी का संदेश
तीनों दिनों के कार्यक्रमों के दौरान गुरु घासीदास बाबा जी के जीवन, दर्शन और संदेशों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जाएगा। बाबा जी ने समाज को सतनाम—अर्थात सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पाति, ऊँच-नीच और भेदभाव का विरोध करते हुए समानता, मानवता, अहिंसा, सदाचार और सत्य को जीवन का आधार बताया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज भी सामाजिक भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देता है। जैत खम्ब की स्थापना कर उन्होंने सतनाम पंथ को एक संगठित आध्यात्मिक दिशा प्रदान की।
अतिथि एवं आयोजन व्यवस्था
समारोह के शुभारंभ अवसर पर ग्राम के सरपंच, जनपद सदस्य एवं सतनामी समाज के प्रमुख सियान उपस्थित रहेंगे, वहीं समापन सत्र में क्षेत्रीय विधायक श्री प्रेमचंद पटेल जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर समाज के उत्साहवर्धन करेंगे।
आयोजन को सफल बनाने हेतु सतनाम कल्याण समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा प्रत्येक परिवार से सहयोग राशि एकत्रित की गई है तथा समाज के प्रमुखों एवं सर्व समाज को व्यापक स्तर पर आमंत्रण दिया गया है।
सर्व समाज से अपील
सतनाम कल्याण समिति ने समस्त समाज, ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने तथा गुरु घासीदास बाबा जी के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने की अपील की है।
यह त्रिदिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह आस्था, संस्कृति, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का भव्य उत्सव बनने जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।





