भ्रष्टाचार और बंद कमरे की बैठकों से उबल पड़ा जनाक्रोश — नगर पालिका की सामान्य सभा में हंगामा, भाजपा पार्षदों ने किया बहिष्कार, धरने पर बैठे”


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक बुधवार को हंगामे, नारों और विरोध के बीच रणभूमि में तब्दील हो गई। बैठक में भाजपा मंडल के नेतृत्व में पहुंचे भाजपा पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार, मनमानी और पारदर्शिता की कमी को लेकर जमकर नारेबाजी की।
सभा के भीतर जैसे ही नगर विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा शुरू हुई, भाजपा पार्षदों ने तीखा विरोध दर्ज कराया और कहा कि “जनता के धन से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता गायब है, सब कुछ बंद दरवाजों के पीछे तय किया जा रहा है।”
भाजपा पार्षदों ने मांग की कि बैठक में सभी पार्षदों और नागरिक प्रतिनिधियों को दर्शक दीर्घा से चर्चा देखने-सुनने का अधिकार दिया जाए, ताकि कोई निर्णय छिपकर न लिया जा सके।
जब अध्यक्ष और सीएमओ ने इसे मानने से इंकार किया तो भाजपा नेताओं ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और सभागृह के बाहर धरने पर बैठ गए।
🔥 “नगर विकास नहीं, मनमानी विकास चल रहा है” — भाजपा का तीखा आरोप
धरना स्थल पर भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि नगर पालिका में “विकास” का मतलब अब ठेकेदारों और दलालों की जेब भरना रह गया है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि बिना निविदा, बिना सार्वजनिक जानकारी के कार्य आदेश जारी किए जा रहे हैं, और भाजपा पार्षदों की आवाज को जानबूझकर दबाया जा रहा है।
एक पार्षद ने कहा —
“जब भी सवाल पूछा जाता है, तो सीएमओ जवाब देने की जगह नियमों का हवाला देकर भाग खड़े होते हैं। अगर नगर पालिका में पारदर्शिता नहीं लाई गई तो हम सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे।”
⚠️ तनाव बढ़ा तो पहुंची पुलिस, माहौल बना तनावपूर्ण
सभा के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि कटघोरा पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के पहुंचते ही भाजपा पार्षदों ने सभा कक्ष के बाहर धरना जारी रखा और “भ्रष्टाचार बंद करो, जनता का हक दो” जैसे नारे लगाए।
काफी देर की मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को शांत कराया, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता अपने विरोध से पीछे नहीं हटे।
🗣️ सीएमओ बोले — “निर्णय परिषद का, मेरा नहीं”
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर पालिका सीएमओ ने कहा कि —
“निर्णय लेने का अधिकार परिषद के सदस्यों का है, मैं सिर्फ प्रशासनिक दायरे में काम करता हूं।”
हालांकि भाजपा नेताओं ने इस बयान को “जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने” वाला बताते हुए कहा कि “सीएमओ खुद मनमानी कर रहे हैं और अब जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।”
🚨 भाजपा की चेतावनी — “अबकी बार सड़क पर होगा जवाब”
भाजपा मंडल नेतृत्व ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि —
“अगर नगर पालिका प्रशासन ने पारदर्शिता नहीं लाई और भाजपा पार्षदों के सम्मान का अपमान जारी रहा, तो आने वाले दिनों में यह विरोध आंदोलन का रूप लेगा।”
भाजपा ने घोषणा की कि अब हर निर्णय की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और नगर विकास के नाम पर चल रही गड़बड़ियों की जांच की मांग की जाएगी।
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नगर पालिका परिषद की यह बैठक नगर विकास पर चर्चा की जगह विश्वास संकट और पारदर्शिता के सवालों में उलझ गई। भाजपा के धरने और बहिष्कार ने यह साफ कर दिया कि कोरबा नगर पालिका में अब विकास से ज्यादा सवाल जवाब की राजनीति गर्म हो चुकी है।

