पंडित रविशंकर शुक्ल नगर में 9 दिवसीय संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा का शुभारंभ — भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से गूंज उठा कोरबा


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/कोरबा, 22 अक्टूबर 2025।
नगर के पंडित रविशंकर शुक्ल नगर में आज से संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। नौ दिवसीय यह दिव्य आयोजन भूपेंद्र सिंह पंवार एवं श्रीमती विंध्यवासिनी पंवार के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कथा वाचन का दायित्व सुप्रसिद्ध कथा आचार्य पंडित जनार्दन प्रसाद दुबे (बरपाली वाले) निभा रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत आज 22 अक्टूबर को भव्य कलश यात्रा और माँ भगवती के पूजन-अर्चन के साथ हुई। मंगल ध्वनियों और भक्तिमय संगीत के बीच महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण किया, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो उठा।

कथा के पहले दिन आचार्य पंडित दुबे ने श्रीमद् देवी भागवत के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और धर्म के मर्म को समझने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि देवी भागवत सुनने मात्र से ही मनुष्य के जीवन में शांति, समृद्धि और दिव्यता का संचार होता है।
कथा का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
22 अक्टूबर: कलश यात्रा और कथा का शुभारंभ
23 अक्टूबर: हयग्रीव अवतार कथा एवं कौरव-पांडव उत्पत्ति कथा
24 अक्टूबर: भुवनेश्वरी देवी कथा एवं देवी मंत्र महात्म्य कथा
25 अक्टूबर: वृत्तासुर कथा और वृत्ततनिहन्ति देवी कथा
26 अक्टूबर: सरस्वती पूजन और हैहयवंशी राजाओं की कथा
27 अक्टूबर: भगवान श्रीकृष्ण चरित्र वर्णन
28 अक्टूबर: श्री दुर्गा देवी कथा एवं देवी के अन्य अवतारों की कथा
29 अक्टूबर: सदाचार वर्णन और माँ गायत्री की महिमा
30 अक्टूबर: गीता पाठ, तुलसी वर्षा, कपिला तर्पण, सहस्त्रधारा, कुमारी एवं ब्राह्मण भोजन, तथा विसर्जन कार्यक्रम
आयोजक पंवार परिवार ने नगर के समस्त श्रद्धालुओं, भक्तजनों और नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस नौ दिवसीय दिव्य कथा में परिवार सहित शामिल होकर देवी माँ की कृपा और पुण्य लाभ प्राप्त करें।
कथा स्थल को आकर्षक फूलों, झालरों और रंगीन रोशनी से सजाया गया है। प्रतिदिन कथा के पश्चात भजन-संध्या एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। नगर के भक्तजन बड़ी श्रद्धा और उत्साह से इस धार्मिक आयोजन में भाग ले रहे हैं, जिससे कोरबा का वातावरण पूर्णतः धार्मिक और अध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठा है।

