कोरबा पुलिस ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों संग मनाई दीपावली — मुस्कान और स्नेह से जगमगाया सर्वमंगला मंदिर परिसर कोरबा


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/कोरबा दीपों के पर्व पर जहां हर घर रोशनी से जगमगा रहा था, वहीं कोरबा पुलिस ने इस बार अपनी दीपावली सेवा और संवेदना के साथ मनाई। कोरबा जिले के पुलिस अधिकारियों ने सर्वमंगला मंदिर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ दीपावली का उत्सव मनाया। इस दौरान सीएसपी विमल पाठक, टीआई युवराज तिवारी और एएसआई विभव तिवारी ने बुजुर्गों को उपहार भेंट किए, उनके साथ भोजन किया और मिलकर पटाखे फोड़े। पुलिस अधिकारियों की इस पहल से वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के चेहरों पर लंबे समय बाद सच्ची मुस्कान खिल उठी।
संवेदना और सम्मान का दीप प्रज्ज्वलित
वृद्धाश्रम पहुंचते ही पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने उनके पुराने दिनों की दीपावली की यादें ताजा कीं। बुजुर्गों ने भी भावुक होकर अपने अनुभव साझा किए और कहा कि पुलिस विभाग की इस पहल ने उन्हें फिर से अपनत्व का एहसास कराया है।
सीएसपी विमल पाठक ने कहा —
“दीपावली खुशियों का पर्व है, और सच्ची खुशी तब मिलती है जब हम समाज के उन लोगों के साथ इसे साझा करते हैं जो हमें आशीर्वाद देते हैं।”
टीआई युवराज तिवारी ने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती, बल्कि समाज के हर वर्ग से भावनात्मक रूप से जुड़कर भी सेवा करती है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के चेहरे की मुस्कान ही इस त्योहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
पुलिस परिवार का स्नेहपूर्ण उत्सव
सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने बताया कि चौकी का कार्यभार संभालने के बाद से वे हर त्यौहार वृद्धजनों के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा —
“इन बुजुर्गों के साथ समय बिताने से हमें जीवन के असली मूल्यों की सीख मिलती है। दीपावली का असली अर्थ तभी पूरा होता है जब हर चेहरा रोशनी से दमक उठे।”
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने वृद्धजनों के साथ सामूहिक भोजन किया, मिठाइयाँ बाँटीं और सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद वृद्धाश्रम के प्रांगण में दीप जलाए गए और मिलकर पटाखे फोड़े गए।
बुजुर्गों की भावनाएँ और आत्मीयता
वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने बताया कि जब कोई उन्हें याद करता है तो उन्हें खुशी के साथ थोड़ी भावुकता भी महसूस होती है, लेकिन अब वे जीवन को सकारात्मक दृष्टि से जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग और सामाजिक संगठनों के निरंतर सहयोग से उनका जीवन खुशहाल बना हुआ है।
सेवा की मिसाल — 23 वर्षों से बुजुर्गों की देखभाल
वृद्धाश्रम के केयरटेकर वीरू यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में आश्रम में 13 महिला और 13 पुरुष बुजुर्ग निवास कर रहे हैं। सभी का स्वास्थ्य नियमित रूप से जांचा जाता है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 23 वर्षों से आश्रम की सेवा में जुटे हैं और बुजुर्गों की देखभाल को ही अपने जीवन का उद्देश्य मानते हैं।
🪔 कोरबा पुलिस की यह पहल संवेदना, सम्मान और मानवीयता का अद्भुत उदाहरण बनी। दीपावली की जगमगाहट के बीच वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के चेहरों की मुस्कान ही सबसे उजली लौ बनकर चमकी।

