दीपावली पर कोरबा की महिला भू-विस्थापितों का बड़ा कदम — एसईसीएल में रोजगार की मांग को लेकर शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा दीपावली के शुभ पर्व पर जहां आमजन खुशियां मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोरबा क्षेत्र की महिला भू-विस्थापितों ने अपने हक और रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन का रास्ता चुना है। सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र की गेवरा कोयला परियोजना में रोजगार प्रदान किए जाने की मांग को लेकर महिला भू-विस्थापितों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से रोजगार की मांग कर रही महिला भू-विस्थापितों ने दीपावली के दिन ही एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर डटकर आंदोलन शुरू कर दिया। महिलाओं ने रोजगार के संबंध में किए गए वायदों की खिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और एसईसीएल प्रबंधन से शीघ्र निर्णय की मांग की।
भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं में प्रमुख रूप से गोमती केवट, बसंती बाई बिंझवार, सरिता मंझवार, मीना बाई कंवर, इंद्रा बाई गोसाई, काजल सारथी, कुमारी अदिति, कुमारी मानसी, सहरतीन बाई, मंझवार सूरज बाई, रामकुंवर बिंझवार, टिकेत राम बिंझवार, अनीता गोसाई सहित अन्य महिलाएं शामिल हैं।
इन महिलाओं का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय एसईसीएल प्रबंधन द्वारा रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी आज तक उन्हें रोजगार नहीं मिला है। अब वे बिना नौकरी और स्थायी आय के जीवन यापन को मजबूर हैं।
महिला प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें स्थायी रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक वे भूख हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व उन्होंने घर-परिवार के साथ नहीं, बल्कि संघर्ष के मोर्चे पर मनाने का फैसला लिया है।
उधर, आंदोलन की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी स्थल पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, किंतु महिलाएं अपनी मांग पर अडिग रहीं।
स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने भी एसईसीएल प्रबंधन से इस मामले में जल्द पहल कर आंदोलनरत महिलाओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

