बिलासपुर अधिवेशन को लेकर गूंजा पत्रकारों का स्वर — सारंगढ़ में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की उठी एकजुट मांग


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ सारंगढ़ | संवाददाता
पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर देशभर में चल रही मुहिम को गति देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सारंगढ़ के मरार पटेल भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने की, जबकि संचालन श्याम कुमार पटेल ने किया। जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकारों की उपस्थिति ने इस बैठक को ऐतिहासिक बना दिया।
बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी 2 नवम्बर 2025 को बिलासपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी रहा। इस अधिवेशन में देशभर से पत्रकार प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल बिलासपुर पहुंचेगा, ताकि पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को राष्ट्रीय स्तर तक मजबूती से उठाया जा सके।
पत्रकारों ने रखे अपने विचार
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने कहा कि अब समय केवल मांग करने का नहीं, बल्कि ठोस कानून बनाने का है। उन्होंने कहा—
“पत्रकार समाज का आईना हैं, लेकिन आज वही आईना कई बार टूटने की स्थिति में पहुँच गया है। लगातार बढ़ते हमले, झूठे मुकदमे और दवाब की राजनीति के बीच पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होना अब समय की सबसे बड़ी ज़रूरत बन गया है।”
जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि बिलासपुर में होने वाला अधिवेशन पत्रकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जिले के सभी पत्रकारों से अधिक से अधिक संख्या में अधिवेशन में भाग लेने की अपील की, ताकि पत्रकारों की सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया जा सके।
संगठित आंदोलन की आवश्यकता पर बल
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए केवल आवाज़ उठाना पर्याप्त नहीं है — अब संगठित आंदोलन का समय आ गया है। अधिवेशन में इस दिशा में ठोस प्रस्ताव पारित किए जाएंगे ताकि पत्रकार सुरक्षा कानून को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कराने की राह प्रशस्त हो सके।
देवराज दीपक, कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष ने कहा —
“जिला संगठन पूरी मजबूती से प्रदेश नेतृत्व के साथ खड़ा है। अधिवेशन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व शानदार रहेगा और यह अधिवेशन पत्रकारों की एकजुटता का प्रतीक बनेगा।”
क्षेत्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को भी साझा किया, जिनमें स्थानीय प्रशासन से संवाद की कमी, राजनीतिक दबाव और पत्रकारों पर हो रहे बढ़ते हमले प्रमुख रहे। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि अब पत्रकारों को एक मंच पर आकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष करना होगा।
जोश और एकजुटता से भरा माहौल
पूरे कार्यक्रम का माहौल जोश, एकजुटता और संकल्प से परिपूर्ण रहा। पत्रकारों के चेहरों पर एक ही उम्मीद साफ झलक रही थी —
“पत्रकार सुरक्षा कानून अब केवल मांग नहीं, बल्कि आंदोलन का स्वर बनेगा।”
बैठक में उपस्थित प्रमुख पत्रकार
नरेश चौहान, देवराज दीपक, सुनील टंडन, कृष्ण कुमार महिलाने, दिनेश जोल्हे, दीनानाथ जाटवर, अशोक मनहर, मिथुन यादव, डोरीलाल चंद्रा, समीप अनंत, शम्भू पटेल, अजय जोल्हे, टीकाराम सहिस, भागवत साहू, बादल सोनी, युवराज सिंह निराला, मोहन लहरे, भूपेंद्र चंद्रा, श्याम कुमार पटेल, महेन्द्र कांत साहू, राजेश नेताम, मनीष टंडन, पिंगध्वज खण्डेकर, सुधीर चौहान, शुकदेव दीवान, अजय साहू, आशीष दास महंत, गुलशन लहरे, सतीश जोल्हे सहित सैकड़ों पत्रकार उपस्थित रहे।
🟩 यह बैठक पत्रकारों की एकजुटता और संगठन की शक्ति का परिचायक बनी, जिसने आगामी बिलासपुर अधिवेशन को लेकर पूरे जिले में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना दिया।

