घोटालेबाज़ों को सलाखों के पीछे: भाजपा का सख्त रुख — शराब व भर्ती घोटालों में गिरफ्तारियाँ प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने हाल में चल रही पीएससी (CGPSC) और शराब घोटाले मामलों में हो रही कार्रवाइयों और गिरफ्तारियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प की दिशा में निर्णायक पहल बताया। ठाकुर ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने तथा सरकारी खजाने और युवाओं के अवसरों पर डाका डालने वालों के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाने का संकल्प दोहराया।
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, 32 सौ करोड़ रुपए तक के आँकलन वाले शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू और एसीबी की कार्रवाई तेज रही है; इस मामले में कई बड़े नामों और अधिकारियों के खिलाफ चालान व गिरफ्तारी की संभावनाएँ सामने आई हैं — यह खुलासा जांच एजेंसाओं ने किया है।
ठाकुर ने कहा कि इस लंबी और संगठित गड़बड़ी में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और अब समय आ गया है कि घोटाला करके प्रदेश के सरकारी खजाने को लूटने वालों व युवाओं के हक पर डाका डालने वालों को चुन-चुनकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ‘विष्णु के सुशासन’ में कोई भी रसूखदार अपराधी कानून से ऊपर नहीं रहेगा। (प्रवक्ता के बयान) �
इसी कड़ी में, भर्ती घोटाले — CGPSC परीक्षा घोटाले — में भी बड़ी कार्रवाई सामने आई है: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन सचिव/रिटायर्ड IAS जीवनकिशोर ध्रुव और अन्य सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह गिरफ्तारी उन युवाओं के साथ अन्याय की भरपाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिन्हें कथित धांधली के कारण अवसरों से वंचित होना पड़ा। �
ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्य सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएँ हुईं — भर्ती प्रक्रियाओं में घोटालेकर प्रतिभासंपन्न युवाओं के हक छीने गए — और अब भाजपा सरकार उन कड़ियों को छेड़ते हुए दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ‘मोदी की गारंटी’ के तहत भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता लागू कर रही है और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। (प्रवक्ता का तर्क) �
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी चेतावनी दी कि जिन लोगों ने आबकारी और भर्ती व्यवस्था के जरिए राज्य के युवाओं और संसाधनों के साथ धोखाधड़ी की, उनके खिलाफ और गहन कार्रवाई की जाएगी — अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित तथ्य उजागर हों और दोषियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि घोटाला करके सरकारी खजाने और युवाओं के हक पर डाका डालने वालों को चुन-चुनकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सार्वजनिक स्तर पर कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपों के संदर्भ में एजेंसियाँ स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर रही हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी — “देखते जाइए अगला नंबर किसका है” जैसे तत्त्ववादी बयान सामने आए हैं, जो सरकार की कार्रवाई के तेवर को दर्शाते हैं। �
न्यायिक प्रकिया और आगे की जांच जारी है; जांच एजेंसियाँ और विशेष इकाइयाँ (EOW/ACB/ED/CBI) आरोपों की तह तक जाने के लिए सक्रिय हैं और आवश्यकतानुसार और लोगों के ठिकानों पर नाख़्त-तफ्तीश व गिरफ्तारी की संभावनाएँ बनी हुई हैं। �
भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़—भाजपा का नारा और वास्तविक कार्रवाई:
भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ नारा नहीं, बल्कि कार्रवाई का समय है — जहां बड़े-छोटे, रसूखदार या अनुनय-प्रचार से जुड़े लोग भी क़ानून के आगे बराबर हैं। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई में साक्ष्य-आधारित, योजनाबद्ध और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप कदम उठाए जाएँगे ताकि दोषियों को प्रभावी ढंग से दंडित किया जा सके और राज्य के युवाओं तथा खजाने का हक वापस दिलाया जा सके।

