स्वर सम्राट मोहम्मद रफ़ी की 45वीं पुण्यतिथि पर कोरबा में स्वरांजलि – महापौर संजू देवी राजपूत बोलीं, “रफ़ी साहब अमर हैं अपने सुरों में”


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। सुरों के शहंशाह, स्वर सम्राट स्वर्गीय मोहम्मद रफ़ी जी की 45वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार, 31 जुलाई 2025 को गीतांजलि भवन सभागार, कोरबा में भारतीय जनता पार्टी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, जिला कोरबा द्वारा “स्वरांजलि” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले के नामचीन कलाकारों ने रफ़ी साहब के अमर गीतों और स्वरलहरियों के माध्यम से उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 4 बजे नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने की।
महापौर संजू देवी राजपूत ने रफ़ी साहब को दी भावभीनी श्रद्धांजलि









महापौर संजू देवी राजपूत ने भावुक शब्दों में कहा –
“रफ़ी साहब सिर्फ गायक नहीं थे, वे एक युग थे। उनकी आवाज़ में सादगी, प्रेम, देशभक्ति और इंसानियत की खुशबू है। उन्होंने शोहरत को कभी सिर नहीं चढ़ने दिया। उनका जीवन विनम्रता का प्रतीक और संगीत में योगदान अविस्मरणीय है। भजन, क़व्वाली, रोमांटिक या देशभक्ति गीत – हर रूप में उन्होंने लोगों के दिलों को छुआ। यह कार्यक्रम कोरबा के लिए गर्व की बात है और हमारी युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेकर संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए। जब तक संगीत है, रफ़ी साहब का नाम अमर रहेगा।”
महापौर ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शहर के सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत करते हैं और हमें अपने महान कलाकारों की याद दिलाते हैं। उन्होंने प्रकोष्ठ के जिला संयोजक को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि, “भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए नगर पालिक निगम हमेशा सहयोग करेगा। कलाकारों के लिए एक भवन की मांग पर, स्थान चिन्हांकित होने पर भवन निर्माण का वादा करती हूं।”
डॉ. राजीव सिंह का संबोधन
पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने अपने संबोधन में कहा –
“रफ़ी साहब की आवाज़ आत्मा को छू लेने वाली थी। आज कोरबा के कलाकारों ने जिस समर्पण और श्रद्धा के साथ उन्हें याद किया, वह सराहनीय और प्रेरणादायी है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का माध्यम हैं।”
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण
इस संगीतमय शाम में रफ़ी साहब के साथ-साथ लता मंगेशकर, किशोर कुमार और मुकेश के सदाबहार गीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को पुराने स्वर्णिम दौर में लौटा दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार तालियों से गूंजता रहा और संगीत प्रेमियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
स्थान: गीतांजलि भवन सभागार, कोरबा


