आयुर्वेद चिकित्सा शिविर 28 मई को रायगढ़ में — सुप्रसिद्ध नाड़ीवैद्य डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा देंगे परामर्श, मधुमेह जांच व योग अभ्यास भी होगा निःशुल्क



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ रायगढ़, 27 मई 2025। “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत “स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद एवं योग चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन आगामी 28 मई 2025, बुधवार को पतंजलि आरोग्य केंद्र, रायगढ़ में किया जा रहा है। यह शिविर प्रातः 9:00 बजे से मध्यान्ह 1:00 बजे तक संचालित होगा।
इस विशेष चिकित्सा शिविर में छत्तीसगढ़ प्रांत के सुप्रसिद्ध नाड़ीवैद्य व ख्यातिलब्ध आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। डॉ. शर्मा को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार से प्रशिक्षण प्राप्त है और वे विगत 20 वर्षों से अधिक समय से हजारों रोगियों का सफलतापूर्वक उपचार कर चुके हैं।
सभी प्रकार के रोगों हेतु परामर्श उपलब्ध
इस शिविर में स्त्री, पुरुष एवं बच्चों के सामान्य, साध्य, कष्टसाध्य और असाध्य रोगों के लिए आयुर्वेद और योग चिकित्सा आधारित परामर्श दिया जाएगा। रोगियों की प्रकृति के अनुरूप नाड़ी परीक्षण, दवा परामर्श, दिनचर्या–आहार–विहार संबंधी सुझाव, तथा योगाभ्यास का भी प्रशिक्षण मिलेगा।
विशेष सेवाएं: मधुमेह जांच एवं योग सत्र निःशुल्क
शिविर में मधुमेह (डायबिटीज़) से पीड़ित रोगियों की रक्त शर्करा की जांच निःशुल्क की जाएगी। साथ ही पतंजलि योगपीठ से प्रशिक्षित योग शिक्षकों द्वारा प्रत्येक रोगी को व्यक्तिगत रूप से योगाभ्यास और प्राणायाम का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
स्वास्थ्य पत्रिका एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी
शिविर में भाग लेने वाले सभी रोगियों को उपयोगी स्वास्थ्य पत्रिका निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त रोगियों को ऋतुचर्या, आहार विहार एवं रोग-निवारण के घरेलू उपायों पर विस्तृत और व्यक्तिगत सलाह भी दी जाएगी।
पतंजलि आरोग्य केंद्र, रायगढ़ के संचालक लाल कुमार नायक ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और आयुर्वेद की वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ योग की उपयोगिता को अपनाएं। उन्होंने बताया कि यह शिविर संपूर्ण रूप से निःशुल्क है तथा रोगियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा की विशेषज्ञता और पतंजलि आरोग्य मिशन की सेवा भावना इस आयोजन को विशेष बनाती है। आयुर्वेद एवं योग के माध्यम से रोगमुक्त और सशक्त भारत की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है।


