कोरबा में गूंजा राष्ट्रप्रेम का स्वर: संघ के पथ संचलन ने रचा अनुशासन और एकता का नया इतिहास, भाजपा ने किया भव्य स्वागत




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ सोमवार की संध्या को कोरबा नगर एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के अंतर्गत निकले भव्य पथ संचलन ने नगर की सड़कों को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। घोष की लय, अनुशासित कदमताल और ओजस्वी नारों से सजा यह संचलन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना का सजीव प्रदर्शन बन गया।

देशभक्ति से ओतप्रोत नगर, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
सैकड़ों स्वयंसेवकों ने सरस्वती शिशु मंदिर, बुधवारी से प्रारंभ होकर सुभाष चौक, घंटाघर, बुधवारी बाजार होते हुए पुनः मंदिर परिसर तक संचलन किया। मार्ग में “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “जय श्रीराम”, “भारतीय सेना अमर रहे” जैसे राष्ट्रगान समान नारों से वातावरण गूंज उठा। नगरवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर अनुशासित दल का गर्मजोशी से स्वागत किया।

भव्य समारोह में भाजपा की एकजुटता, गोपाल मोदी ने कहा – “यह अनुशासन राष्ट्र की आत्मा है”
सुभाष चौक पर आयोजित स्वागत समारोह की अगुवाई भाजपा जिला अध्यक्ष श्री गोपाल मोदी ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा,
“यह संचलन केवल परंपरा नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक आत्मा का सजीव प्रतिबिंब है। कोरबा ने आज जो दृश्य देखा है, वह केवल दृश्य नहीं, वह राष्ट्र की चेतना है जो हर पीढ़ी को प्रेरित करेगी।”
इस अवसर पर भाजपा की समस्त स्थानीय इकाइयों ने भी पूर्ण एकता का प्रदर्शन किया।

वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति ने बढ़ाया गरिमामय आयोजन का स्तर
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग अध्यक्ष नवीन मार्कंडेय, कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत गोपाल मोदी जिला अध्यक्ष भाजपा कोरबा डॉ राजीव सिंह , मनोज शर्मा, पवन सिंह, राजेंद्र राजपूत, पवन गर्ग, अशोक चावलानी और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और ऊंचा किया।

संघ शिक्षा वर्ग: राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला
वर्तमान में सरस्वती शिशु मंदिर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग में प्रदेशभर से आए युवाओं को राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, वैचारिक दृढ़ता और संगठनात्मक जीवन के विविध पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह वर्ग न केवल स्वयंसेवकों को आत्मबल से भरता है, बल्कि राष्ट्र की जड़ों को भी मजबूत करता है।
कोरबा ने दिया अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का संदेश
यह आयोजन कोरबा नगर के लिए मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सशक्त सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्रवादी संदेश बन गया है, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। संघ की यह शोभायात्रा वर्षों तक नगरवासियों के हृदय में ज्वलंत स्मृति के रूप में जीवित रहेगी।


