July 23, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“आतंकी हमले के बाद भारत सरकार का कड़ा कदम: सिंधु जल संधि निलंबित, अटारी सीमा बंद, पाकिस्तान के खिलाफ सख्त फैसले”

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा  नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2025 जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित की गई, जिसमें आतंकवाद पर निर्णायक प्रतिक्रिया देने का संदेश दिया गया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में पाकिस्तान द्वारा लगातार आतंकवाद को समर्थन देने की निंदा करते हुए, निम्नलिखित ठोस निर्णय लिए गए:


1. सिंधु जल संधि का निलंबन

1960 की सिंधु जल संधि, जो अब तक भारत ने एकतरफा रूप से निभाई थी, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि जब तक पाकिस्तान आतंकियों को समर्थन देना बंद नहीं करता, भारत सिंधु जल के प्रवाह को नियंत्रित करेगा।
यह कदम भारत की संप्रभुता, आत्मरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को प्रतिबिंबित करता है।


2. अटारी सीमा को बंद किया गया

भारत-पाकिस्तान के बीच आवागमन के प्रमुख केंद्र अटारी बॉर्डर को 1 मई 2025 से पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।

  • सभी वैध यात्रियों को 1 मई से पहले भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
  • सीमा पार आवागमन अब केवल कूटनीतिक या आपात परिस्थितियों में सीमित रहेगा।

3. सार्क वीज़ा छूट योजना स्थगित

सार्क देशों के नागरिकों को मिलने वाली विशेष वीज़ा छूट योजना को रद्द कर दिया गया है।

  • पहले से जारी सभी सार्क वीज़ा अब अमान्य माने जाएंगे।
  • पाकिस्तान से आए विदेशी नागरिकों को 48 घंटों के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।

4. पाकिस्तान उच्चायोग पर सख्ती

नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ (अवांछनीय व्यक्ति) घोषित किया गया है।

  • उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।
  • भारत ने भी अपने समकक्ष राजनयिकों को पाकिस्तान से वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

5. राजनयिक स्टाफ में कटौती

दोनों देशों के बीच मौजूद राजनयिक कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 किया जाएगा।

  • यह प्रक्रिया 1 मई 2025 तक पूरी की जाएगी।

भारत सरकार का स्पष्ट संदेश:

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्पष्ट किया है कि अब ‘शांति के नाम पर आतंक का खेल’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह केवल एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ भारत की निर्णायक नीति का प्रमाण है।

भारत सरकार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अब यह स्पष्ट करना होगा कि वह आतंकवाद को समर्थन देने वाला देश है या शांति चाहने वाला पड़ोसी।


निष्कर्ष:
यह निर्णय दर्शाते हैं कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने देश की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान के विरुद्ध ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।

यह कदम केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए एक ठोस संदेश है – कि आतंकवाद के लिए अब कोई स्थान नहीं।

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