‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बना जनआंदोलन: वृक्षारोपण के साथ स्वच्छता का दिया संदेश



रेलवे कॉलोनी में भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, पौधारोपण के बाद चलाया सफाई अभियान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रेलवे कॉलोनी, न्यू अमरैयापारा, वार्ड क्रमांक 14 में विशेष वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला कोरबा के सहसंयोजक चन्द्र भूषण झा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए। उपस्थित जनों ने पौधारोपण कर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि मातृ सम्मान के प्रति अपनी भावनाओं को भी अभिव्यक्त किया। इस अवसर पर सभी ने पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
चन्द्र भूषण झा ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाए और प्रकृति को सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की नींव भी तैयार करते हैं।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के पश्चात क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर आसपास के सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की तथा लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि केवल एक दिन पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और समाज को हरित एवं स्वच्छ बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा, जिसने लोगों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराया।


