22 वर्षों से संस्कृति संरक्षण की अलख जला रही छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति सेवा संवर्धन समिति
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हरेली महोत्सव में गूंजा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का गौरव, गेड़ी-फुगड़ी एवं नारियल प्रतियोगिताओं में उमड़ा उत्साह
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति सेवा संवर्धन समिति के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम तिहार एवं लोक पर्व हरेली महोत्सव का 22वां वर्ष लगातार बड़े ही धूमधाम, उल्लास और छत्तीसगढ़ी परंपरा के रंग में मनाया गया। आयोजन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा, पारंपरिक खेलों और सामाजिक एकता की शानदार झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण छत्तीसगढ़ महतारी के जयघोष एवं लोक संस्कृति के रंग में सराबोर रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल ने की। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना तथा कृषि उपकरणों की विधिवत पूजा की गई। इसके पश्चात पारंपरिक गेड़ी, फुगड़ी एवं नारियल प्रतियोगिताओं का आयोजन महिला एवं पुरुष वर्ग में किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
22 वर्षों से संस्कृति संरक्षण का संकल्प
समिति के अध्यक्ष श्री मोहन सिंह प्रधान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं उपस्थित विशाल जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि समिति विगत 22 वर्षों से लगातार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पारंपरिक खेल-कूद, छत्तीसगढ़ी राजभाषा, पर्यावरण एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार और पारंपरिक खेल मुख्य रूप से गांवों एवं खलिहानों तक सीमित थे। समिति ने इन्हें गांवों से शहरों तक पहुंचाने का प्रयास किया। आज विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की रीति-नीति, परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए लोग जागरूक हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश, राज्य या समाज की पहचान उसकी संस्कृति से होती है और संस्कृति उसकी आत्मा है। इसलिए प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी का दायित्व है कि वह अपनी समृद्ध संस्कृति, सम्मान और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने में योगदान दे।
जय सिंह अग्रवाल ने समिति के प्रयासों को सराहा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल ने समिति के 22 वर्षों के सतत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, परंपरागत खेल-कूद, तीज-त्योहार और आपसी भाईचारे को जीवित रखने के लिए समिति द्वारा लगातार जागरूकता का कार्य किया जा रहा है, जो प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि समिति के साथ 22 वर्षों से जुड़कर कार्य करने का अवसर मिला है। समिति की मांग पर छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर का निर्माण, एनटीपीसी के सहयोग से सभागार निर्माण तथा नगर पालिक निगम कोरबा की ओर से शेड निर्माण जैसे कार्य हुए हैं, जिनका लाभ आज विभिन्न वर्गों को मिल रहा है।
उन्होंने कोरबा जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़वासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
हरेली प्रकृति, कृषि और छत्तीसगढ़ी जीवन से जुड़ा पर्व : डॉ. चरण दास महंत
मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आयोजन के लिए समिति को बधाई देते हुए कहा कि हरेली केवल कृषि उपकरणों की पूजा का पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, जल, जंगल, जमीन, प्रकृति, पशुधन और लोकजीवन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाना अपनी पहचान को बचाना है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में ऐसे लोक पर्वों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों को लगातार 22 वर्षों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।
डॉ. महंत ने कहा कि समिति ने बिना किसी स्वार्थ के लगातार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की मिसाल कायम की है और यह ज्योति इसी तरह अनवरत जलती रहनी चाहिए। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल के भी समिति से लंबे समय से जुड़े रहने और सहयोग प्रदान करने के लिए सराहना की।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
हरेली महोत्सव में पूर्व महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, श्री मुकेश राठौर, श्री पालूराम साहू, श्री मनोज चौहान, श्री हरीश परसाई सहित सभी पार्षदगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

लोक कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच के कलाकारों द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। लोकगीत, लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों को उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आयोजन की भव्यता और समिति द्वारा किए जा रहे सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
समिति के पदाधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष श्री मोहन सिंह प्रधान, महासचिव श्री प्यारे लाल चौधरी, श्री हरिश्चंद्र निषाद, श्री रजनीश निषाद, श्री निर्मल सिंह राज, श्री दिगंबर कर्ष, श्री रामाधार पटेल, श्री रामू पांडे, श्री सुरेश द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती गीता देवी महान के साथ श्रीमती कुसुम द्विवेदी, श्रीमती लता केवट, श्रीमती अमृता निषाद, श्रीमती ममता कटाकवार, श्रीमती ममता अग्रवाल सहित महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समिति के महासचिव श्री प्यारे लाल चौधरी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, कलाकारों एवं विशाल जनसमूह का आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
— मोहन सिंह प्रधान
अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति सेवा संवर्धन समिति, कोरबा


