कोरबा की प्रतिबंधित रेत खदान में बेलगाम अवैध खनन, जनप्रतिनिधियों को मिली जान से मारने की धमकी



विरोध करने पर वार्ड पार्षद और पूर्व पार्षद के घर का किया गया घेराव, माफियाओं ने मीडिया के सामने ही दी धमकी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा, छत्तीसगढ़ ****/— शहर के सीतामढ़ी क्षेत्र की प्रतिबंधित रेत खदान में अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है। सोमवार को इस गैरकानूनी गतिविधि का विरोध करना भाजपा की वार्ड क्रमांक 09 की पार्षद राधा महंत और पूर्व पार्षद सुफल दास महंत को भारी पड़ गया। खनन माफियाओं ने दोनों जनप्रतिनिधियों के घर का घेराव कर उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकी दी।
यह घटनाक्रम उस समय घटित हुआ जब दोनों जनप्रतिनिधि सीतामढ़ी की रेत खदान में चल रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए पहुंचे थे। मौके पर मीडिया भी मौजूद थी, जिसके सामने माफियाओं ने न केवल अवैध खनन की बात स्वीकार की, बल्कि उल्टा पार्षदों पर ही वसूली के झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया।
पार्षद राधा महंत और पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने स्पष्ट कहा कि उनकी मंशा सिर्फ नियमों का पालन सुनिश्चित करना और क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत खनन को रोकना है। उन्होंने पहले भी कई बार इस मामले में खनिज विभाग और प्रशासन को शिकायतें दी थीं, लेकिन हर बार माफियाओं को पहले ही जानकारी मिल जाने के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
सूत्रों के अनुसार, खनिज विभाग को इस अवैध खनन की जानकारी पहले से थी, फिर भी अब तक कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया है। यह सवाल उठाता है कि क्या स्थानीय प्रशासन और खनन माफियाओं के बीच मिलीभगत है?
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों को ही खुलेआम धमकियां मिल रही हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है? ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था की पोल खोलती हैं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को भी कमजोर करती हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि –
क्या प्रशासन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा?
या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दफन होकर रह जाएगा


