कोरबा सीआईएसएफ और त्रिपुरा रायफल्स के जवानों द्वारा मार्चपास्ट करा भयभीत कराने लगाया गया आरोप



- * विरोध से बचने रात के अंधेरे में मिट्टी कटाई कराने का आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया आरोप
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा हैं की कोयला उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दीपका परियोजना के अधिकारी किसी भी हद तक जाते हुए जमीन संकट को दूर करने के लिए ग्रामो में सीआईएसएफ और त्रिपुरा रायफल्स के जवानों का मार्च पास्ट करा रहे हैं। जिससे की भयभीत होकर होने वाली विरोध पर काबू किया जा सके। यही नही भू-विस्थापितों की ओर से मुआवजा लेने से इंकार कर दिए जाने और मकान खाली नही करने के बाद उनको डराने-धमकाने का काम भी किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए आगे कहा की ऐसे भू-विस्थापित जो नौकरी कर रहे हैं उनको खासा परेशान होना पड़ रहा है। दिन में ग्रामवासियो के विरोध कारण मिट्टी हटाने का काम बंद हो जाता है, इसलिए रात के अंधेरे में मशीन लगाकर मिट्टी की कटाई की जा रही हैं। कोयला उत्खनन के लिए जमीन नही होने का हवाला और गलत जानकारी देकर जिला प्रशासन को अपने झांसे में लेकर खदान को आगे बढाने का काम किया जा रहा है।
दीपका परियोजना से प्रभावित ग्राम मलगांव की परिसंपत्तियो का मुआवजा का मामला विवादित है और साथ ही सुर्खियों में बना हुआ है । आरोप लगाते हुए बताया जा रहा हैं की यहां पर जबरदस्ती मकान खाली कराने के लिए कई हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। दूसरी ओर एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में अर्जित ग्राम अमगांव के आश्रित मोहल्ला दर्राखांचा के मकानों का नापी पूर्ण किया जा चुका है किंतु नापी का मूल्यांकन पावती देने में आनाकानी की जा रही हैं, क्योंकि प्रबंधन मुआवजा में कटौती करना चाह रहा है जिसपर उन्हें भारी विरोध से सामना करना पड़ेगा।
* जोकाही डबरी क्षेत्र का 10 साल से लटका पड़ा है मुआवजा
जानकारी केअनुसार ग्राम पंचायत अमगांव का एक मोहल्ला जोकाही डबरी के मकानों का 2014-15 में मूल्यांकन किया गया था जिसका राजस्व विभाग के द्वारा बेवजह अपात्र घोषित कर दिए जाने का खामियाजा भुगत रहे भू-विस्थापितों को आज तक मुआवजा भुगतान नहीं हो पाया है, जिसके खिलाफ जनवरी माह से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां के 93 लोंगो की मुआवजा लंबित हैं और प्रबंधन व प्रशासन एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। कल यहां के जोकाही तालाब का मेड़ रात के अंधेरे में काट दिया गया जिसके विरोध में ग्रामीणों के द्वारा खदान विस्तार को रोक दिया गया।
* 27 को क्षेत्रीय विधायक खनन क्षेत्र का करेंगे निरीक्षण
भूविस्तापितों की ओर से अपनी रोजगार, मुआवजा और बसाहट की समस्याओं को लेकर परेशानी को ध्यान में रखते हुए ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष के साथ क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल ग्राम मलगांव व अमगांव के खनन क्षेत्र का निरीक्षण कर लोगो से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कराने की दिशा में कार्यवाही करेंगे।
* सुरक्षा मापदण्डो का पालन कराने महानिदेशक को शिकायत करने का निर्णय
ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा है कि गांव के मकानों से महज 15 मीटर दूरी में खनन करने और खनन के लिये भारी विस्फोटक का उपयोग करने, डेंजर जोन में फेंसिंग कर सुरक्षित नही करने, निवास क्षेत्र के दायरे में खनन कार्य जैसी विषयों को लेकर सुरक्षा महानिदेशालय धनबाद को शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ी तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जायेगा।

