कोरबा मड़वा संयंत्र की 500 मेगावाट क्षमता की दो नंबर इकाई में तकनीकी खराबी आने से की गयी बंद







कोरबा जिले में राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्रों की इकाइयों में खराबी का सिलसिला लगातार जारी है। मड़वा संयंत्र की 500 मेगावाट क्षमता की दो नंबर इकाई में तकनीकी खराबी आने से बंद करना पड़ा हैं। इसके पहले की हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम की 210 मेगावाट क्षमता की तीन नंबर इकाई में भी खराबी आई थी, जिसे बंद करने के बाद मरम्मत कार्य किया गया।
इस यूनिट को सुधार कार्य के बाद चालू किया गया, तब उत्पादन शुरू हो सका और वर्तमान में 150 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। उधर मड़वा संयंत्र की बंद दो नंबर इकाई का भी मरम्मत कार्य चल रहा है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही यूनिट को परिचालन में ले लिया जाएगा। ठंड बढ़ने की वजह से राज्य में बिजली की मांग घट कर 3800 मेगावाट के करीब हो गई हैं। वहीं उपलब्धता 3986 मेगावाट है। विद्युत उत्पादन कंपनी के एचटीपीपी से 1340 मेगावाट के स्थान पर 1082, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र से 500 के स्थान पर 464 मेगावाट, एक हजार मेगावाट के अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र मड़वा से 426 मेगावाट तथा बांगो जल विद्युत संयंत्र से 120 के स्थान पर 39 मेगावाट बिजली उत्पादित हो रही हैं।
इस तरह कंपनी से कुल 1992 मेगावाट बिजली रही। जबकि राज्य के सीपीपी व आइपीपी से बिजली लेने पर कुल उपलब्धता 2051 मेगावाट रही। मांग को पूरी करने के लिए सेंट्रल सेक्टर से अनुबंधित 1747 मेगावाट बिजली ली जा रही है। इससे राज्य में बिजली की स्थिति सरप्लस बनी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि मड़वा संयंत्र चालू होने व सभी इकाइयों के पूर्ण क्षमता से चालू होने पर भरपूर बिजली राज्य को मिलने लगेगी।





