कोरबा कबाड़ हटाने एवं सफाई में सबसे आगे रहा एसईसीएल सफाई के दौरान निकले कबाड़ से बनाए गए शेर एवं चंद्रयान







कोरबा भारत सरकार के द्वारा चलाये जा रहे विशेष अभियान 3.0 के तहत इस अभियान का एसईसीएल द्वारा बड़े स्तर पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। चिन्हित जगहों की सफाई एवं कबाड़ (स्क्रैप) निस्तारण में एसईसीएल, कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों में सबसे आगे चल रही है। 2 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में एसईसीएल द्वारा मुख्यालय एवं विभिन्न संचालन क्षेत्रों में अब तक 90 से ज्यादा जगहों को साफ किया गया है। कबाड़ निस्तारण की बात करें तो कंपनी अभी तक 1500 मेट्रिक टन से अधिक स्क्रैप हटा चुकी है जिससे 8 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा इस साल 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान 3.0 चलाने की घोषणा की गई है, जिसमें साफ-सफाई एवं कबाड़ (स्क्रैप) के निस्तारण के साथ सरकारी कार्यालयों में लंबित फाइलों के निपटान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
* लंबित फाइलों एवं शिकायतों के निपटान पर ज़ोर
साफ-सफाई एवं कबाड़ निस्तारण के अलावा एसईसीएल द्वारा लंबित फाइलों के निपटान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेष अभियान 3.0 के तहत एसईसीएल द्वारा लगभग 1,000 फाइलों एवं 5,500 ई-फाइलों की समीक्षा की जा रही है। कंपनी द्वारा सीपीग्राम्स में शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए द्रुत गति से कार्य किया जा रहा है। नतीजतन एसईसीएल लोक शिकायत के निपटान में लगने वाले समय में काफी कमी आई है।
* कबाड़ से बनाई जा रही अद्भुत कलाकृति
एसईसीएल ने विशेष अभियान 3.0 के अंतर्गत निकली खनन कबाड़ सामग्री को सुंदर प्रतिमाओं में बदलकर इस अभियान को कचरे के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के अवसर के रूप में अंगीकृत किया है। एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र में स्क्रैप का इस्तेमाल करते हुए 4 सुंदर कलाकृतियों का निर्माण कर एक सार्वजनिक पार्क में स्थापित किया हैं। साथ ही एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के होनहार कामगारों द्वारा कबाड़ से चंद्रयान रॉकेट की सुंदर कलाकृति को भी बनाया गया है।





