झीरम काण्ड पर कांग्रेस के भीतर मचा अविश्वास, सच सामने आने से क्यों डर रही है कांग्रेस? – भाजपा






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज स्थिति यह बन गई है कि झीरम हमले के बाद कांग्रेस के लोग अपने ही नेताओं पर संदेह करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने ही नेता विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटाकर कारण बताओ नोटिस जारी करना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस को सच बोलने वाले अपने लोगों से ही डर लगने लगा है।
प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि कांग्रेस दूसरों पर कीचड़ उछालने की राजनीति तो पूरी बेशर्मी से करती है, लेकिन जब अपने भीतर के सवाल सामने आते हैं तो पार्टी का तथाकथित लोकतंत्र दम तोड़ देता है। उन्होंने कहा कि विकास तिवारी को केवल इसलिए “सच बोलने की सज़ा” दी गई, क्योंकि उन्होंने पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों को सार्वजनिक किया। जो कांग्रेस खुद को लोकतंत्र की रक्षक बताती है, वही कांग्रेस आज आंतरिक लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है।
श्री दीपक ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का नार्को टेस्ट कराने की मांग करने वाले कांग्रेस नेताओं को आखिर अपना नार्को टेस्ट कराने में इतनी बेचैनी क्यों हो रही है? उन्होंने सवाल किया कि झीरम घाटी के नक्सली हमले में प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की शहादत पर वर्षों तक राजनीतिक रोटियाँ सेंकने वाली कांग्रेस अब सच सामने आने से क्यों डर रही है? क्या कांग्रेस को अब अपने ही झूठ और षड्यंत्रों के उजागर होने का भय सता रहा है?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग यह दावा करते रहे हैं कि उनके पास झीरम काण्ड से जुड़े सबूत हैं और वे उन्हें “कोट की जेब में लेकर घूमते हैं”, वे आज तक झीरम का सच जनता के सामने क्यों नहीं लाए? झीरम काण्ड पर गठित न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर नहीं रखकर आखिर भूपेश बघेल किन-किन लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे थे?
उज्ज्वल दीपक ने कहा कि झीरम हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं के परिजनों को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है और इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस की ही है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस नेता झीरम काण्ड का सच सामने लाकर अपने ही शहीद नेताओं के परिवारों को इंसाफ दिलाने में क्यों हिचकिचा रहे हैं? क्या नक्सलियों के साथ कांग्रेस का कथित दोस्ताना और भाईचारा उन शहीद नेताओं की शहादत से भी ऊपर हो गया है?
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आज कांग्रेस के भीतर ही झीरम काण्ड को लेकर अविश्वास और संदेह का माहौल बन चुका है। एक के बाद एक कांग्रेस नेता सवाल उठा रहे हैं और पार्टी नेतृत्व उन सवालों का जवाब देने के बजाय सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने में लगा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा झीरम काण्ड के सच को सामने लाने और शहीद नेताओं के परिजनों को न्याय दिलाने की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी, चाहे कांग्रेस कितनी ही कोशिश क्यों न कर ले।





