“मोर जमीन–मोर मकान” से साकार हुआ गरीबों का सपना, महापौर संजू देवी राजपूत ने 306 परिवारों को सौंपी पक्के आशियाने की चाबी






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//कोरबा 02 जनवरी 2026
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत “मोर जमीन–मोर मकान” अभियान ने कोरबा शहर में सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार कर दिया है। नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभा कक्ष में आज एक गरिमामय समारोह के दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने बी.एल.सी. (Beneficiary Led Construction) घटक के अंतर्गत 306 हितग्राहियों को आवासगृह स्वीकृति पत्र एवं भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर हितग्राहियों के चेहरों पर अपने पक्के घर की खुशी और संतोष साफ झलकता नजर आया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पार्षद एवं निगम के पूर्व सभापति श्री अशोक चावलानी, एम.आई.सी. सदस्य अजय गोंड़, ममता यादव, पार्षद पंकज देवांगन, रूबीदेवी सागर, धनश्री अजय साहू, उर्वशी राठौर, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता एवं नोडल अधिकारी सुरेश बरूआ सहित निगम के अनेक अधिकारी, कर्मचारी, तकनीकी टीम एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने हितग्राहियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब और वंचित वर्ग के सम्मानजनक जीवन की नींव है। उन्होंने हितग्राहियों से समय-सीमा के भीतर मकान निर्माण कार्य प्रारंभ कर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की अपील की।

महापौर ने अपने संबोधन में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आज करोड़ों लोगों को पक्के मकान मिल चुके हैं और आने वाले समय में कोई भी ऐसा परिवार नहीं रहेगा जिसके पास अपना स्वयं का पक्का घर न हो।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की भी सराहना करते हुए कहा कि सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति देकर गरीबों के जीवन में नई आशा का संचार किया। साथ ही मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत 18 माह के भीतर मकान निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को 32,850 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
महापौर ने हितग्राहियों को सतर्क करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति योजना के नाम पर पैसे की मांग करता है या किसी प्रकार का प्रलोभन देता है, तो वे तुरंत अपने वार्ड पार्षद या निगम अधिकारियों से संपर्क करें। निगम प्रशासन हितग्राहियों को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगा।
बी.एल.सी. घटक में कोरबा बना प्रदेश का सिरमौर
इस अवसर पर वरिष्ठ पार्षद एवं पूर्व सभापति श्री अशोक चावलानी ने कहा कि यह कोरबा नगर निगम के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बी.एल.सी. घटक के कार्यों में पूरे छत्तीसगढ़ में कोरबा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत तथा निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया।
हितग्राहियों को मिलेंगे ढाई लाख रुपये, चार किश्तों में सहायता
कार्यक्रम में अपर आयुक्त श्री विनय मिश्रा ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही को आवास निर्माण हेतु 2 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जो चार किश्तों में मिलेगी।
प्रथम किश्त: 63,000 रुपये
द्वितीय किश्त: 87,000 रुपये
तृतीय किश्त: 65,000 रुपये
चतुर्थ किश्त: 35,000 रुपये
इसके अतिरिक्त, 18 माह में मकान निर्माण पूर्ण करने पर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना अंतर्गत 32,850 रुपये की अतिरिक्त राशि भी हितग्राहियों को प्राप्त होगी।
हजारों सपनों को मिल चुकी है स्वीकृति
गौरतलब है कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत अब तक 3,582 हितग्राहियों को आवासगृहों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इससे पूर्व भी 326 हितग्राहियों को महापौर द्वारा आवास स्वीकृति पत्र एवं भवन निर्माण अनुमति पत्र सौंपे जा चुके हैं।
कार्यक्रम में सहायक नोडल अधिकारी रुचि साहू, सी.एल.टी.सी. टीम से अमन शर्मा, हर्ष छत्रवाणी, धवल शर्मा, पी.एम.सी. टीम लीडर शशिकांत साहू, प्रभात धीमर, हनीफ खान सहित बड़ी संख्या में हितग्राही एवं नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से कोरबा में पक्के मकानों का सपना अब हकीकत बनता जा रहा है, और यह योजना शहर को सामाजिक सशक्तिकरण एवं समावेशी विकास की दिशा में एक नई पहचान दिला रही है।





