भोरमदेव बनेगा विश्वस्तरीय धार्मिक–पर्यटन धरोहर 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव कॉरिडोर का 01 जनवरी को भूमिपूजन






मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत करेंगे ऐतिहासिक शुभारंभ
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//रायपुर, 31 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। कबीरधाम जिले के सुप्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित भव्य भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन 01 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के करकमलों से संपन्न होगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। परियोजना के माध्यम से भोरमदेव मंदिर परिसर सहित आसपास के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का समग्र, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय विकास किया जाएगा।
भव्य भूमिपूजन समारोह में जुटेगा राजनीतिक और सांस्कृतिक नेतृत्व
भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित भव्य भूमिपूजन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोकसभा सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, सहित अनेक पूर्व विधायक, आयोग–निगम–मंडल के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन विकास का त्रिवेणी संगम
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप तैयार की गई यह परियोजना धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास का एक अनुपम त्रिवेणी संगम सिद्ध होगी। परियोजना के पूर्ण होने के पश्चात भोरमदेव क्षेत्र न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के प्रमुख विश्वस्तरीय पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों में शामिल होगा।
इसके साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ेगा भोरमदेव कॉरिडोर
भोरमदेव कॉरिडोर के अंतर्गत मुख्य भोरमदेव मंदिर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक फैले ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए उनका संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, पुरातत्व विभाग एवं कबीरधाम जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
मंदिर परिसर में होंगे भव्य निर्माण और आधुनिक सुविधाएँ
भोरमदेव मंदिर परिसर के भव्य विकास के अंतर्गत—
मुख्य मंदिर में छह आकर्षक प्रवेश द्वार, जिनमें नागद्वार प्रमुख होगा
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विशाल संग्रहालय
पिलर हॉल, सुसज्जित गार्डन, चिल्ड्रन पार्क
प्रसाद मंडप, अनुष्ठान भवन, यज्ञ स्थल एवं आकर्षक सीढ़ियाँ
मंदिर परिसर स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण एवं म्यूजिकल फाउंटेन
श्रद्धालुओं के लिए डोम आवास, छायायुक्त पथ, स्टेज एवं भंडारा भवन
साथ ही पूरे क्षेत्र में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, पेयजल व्यवस्था, विद्युत सुविधा, ड्रेनेज सिस्टम, वृक्षारोपण और सड़क उन्नयन जैसे आधारभूत कार्य किए जाएंगे।
भोरमदेव: आस्था से पर्यटन तक, विकास की नई पहचान
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में भोरमदेव को श्रद्धालुओं, इतिहासप्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक आकर्षक, सुव्यवस्थित और स्मरणीय गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।





