**अग्नि सुरक्षा में लापरवाही बनी शहर के लिए बारूद एस.एस. प्लाजा में भीषण आग ने खोली प्रशासनिक उदासीनता की पोल**






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****// कोरबा शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अग्नि सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी अब गंभीर हादसों का कारण बनती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण आज सुबह लगभग 06 बजे देखने को मिला, जब एस.एस. प्लाजा, कोरबा स्थित एक दुकान में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग लगते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दमकल टीम मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सौभाग्यवश इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुकान में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है।
यह घटना प्रशासन और संबंधित विभागों की लचर निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उल्लेखनीय है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी कोरबा शहर के विभिन्न कॉम्प्लेक्सों, दुकानों और व्यावसायिक भवनों में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, किंतु हर बार प्रशासन केवल औपचारिकता निभाकर चुप बैठ जाता है।
शहर के अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में
अग्निशमन यंत्र या तो मौजूद ही नहीं हैं या अनुपयोगी अवस्था में हैं,
आपातकालीन निकास मार्गों का पूर्ण अभाव है,
अव्यवस्थित और जर्जर विद्युत वायरिंग आग को न्योता दे रही है,
ज्वलनशील सामग्री का अनियंत्रित और अवैज्ञानिक भंडारण किया जा रहा है।
इसके बावजूद नगर निगम, अग्निशमन विभाग और प्रशासन द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही नियम तोड़ने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई हो रही है। यह स्थिति सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान को जोखिम में डालने के समान है।
वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह, कोरबा (छत्तीसगढ़) ने इस घटना को प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि समय रहते कठोर निरीक्षण और सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी और अपूरणीय जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मांग की है कि शहर के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और दुकानों की तत्काल विशेष जांच कर
अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए,
नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण एवं सील की कार्रवाई की जाए,
ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि
👉 क्या प्रशासन अगली बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?
👉 या फिर इस आग को चेतावनी मानकर समय रहते सख्त कदम उठाए जाएंगे?





