किसान दिवस पर बालको की अनूठी पहल, किसान मेला-2025 से बदली खेती की तस्वीर






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/बालकोनगर 29 दिसंबर 2025
किसान दिवस के अवसर पर वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा जिले के बेला एवं सोनगुढ़ा गांव में आयोजित किसान मेला-2025 ने कृषि नवाचार और आधुनिक खेती को नई दिशा दी। इस भव्य आयोजन में 40 गांवों से 750 से अधिक किसानों ने सहभागिता कर नवीन तकनीकों, सरकारी योजनाओं और सतत आजीविका के अवसरों की जानकारी प्राप्त की। मेला किसानों के लिए सीख, संवाद और नवाचार का सशक्त मंच बनकर उभरा।
बालको द्वारा यह आयोजन बायफ – सतत आजीविका एवं विकास संस्थान के सहयोग से किया गया। मेले में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं फसल बीमा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को नई पद्धतियों से अवगत कराने के लिए प्रायोगिक प्रदर्शन, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विशेषज्ञ संवाद का विशेष प्रबंध किया गया।

मेले में बालको की महत्वाकांक्षी ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के अंतर्गत किसानों को वितरित किए गए कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं नकटीखार स्थित हाई-टेक नर्सरी से जुड़े स्टॉल में उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण पौधों की जानकारी देकर किसानों को बागवानी के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के स्टॉल के माध्यम से किसानों को समूह बनाकर काम करने, सामूहिक विपणन और बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लाभ बताए गए। इसके साथ ही मारुत ड्रोन, क्रॉम्पटन मोटर, बिड़ला पाइप, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के स्टॉल्स ने आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई समाधान, सरकारी योजनाओं और कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी साझा की।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बालको केवल प्रशिक्षण या तकनीक तक सीमित न रहकर किसानों को आय के नए स्रोतों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। ‘मोर जल मोर माटी’ जैसी पहलों के माध्यम से कृषि, बागवानी और पशुपालन को लाभकारी आजीविका के रूप में विकसित किया जा रहा है।
रोगबहरी गांव के किसान अर्जुन कंवर ने बताया कि बालको के सहयोग से उनकी खेती में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। प्रशिक्षण से उन्हें बेहतर उत्पादन, लागत में कमी और आधुनिक खेती की तकनीकें सीखने को मिलीं। उन्होंने कहा कि बेहतर खेती अपनाने पर मिले सम्मान ने उन्हें आगे बढ़ने और अन्य किसानों को प्रेरित करने का आत्मविश्वास दिया है।
मोर जल मोर माटी परियोजना के अंतर्गत जल प्रबंधन, बहुफसली खेती, बागवानी और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह परियोजना अब तक 3,200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 8,000 से ज्यादा किसानों तक पहुंच चुकी है। 6,000 से अधिक किसान आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि कर चुके हैं। खास बात यह है कि लगभग 25 प्रतिशत लाभार्थी युवा किसान हैं, जो खेती को आजीविका के रूप में अपनाने में बढ़ती युवाओं की रुचि को दर्शाता है।
सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहयोग के माध्यम से किसानों को जोड़कर बालको ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और छत्तीसगढ़ में टिकाऊ कृषि विकास को मजबूती दे रहा है। किसान मेला-2025 यह संदेश देने में सफल रहा कि ज्ञान, नवाचार और साझेदारी के जरिए किसानों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन संभव है।





