पोडीबहार में गुरु घासीदास जयंती गुरु पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न, सतनामी समाज ने सतनाम पंथ की परंपराओं का किया भव्य निर्वहन विस्तार विवरण :






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। नगर पालिका निगम क्षेत्र कोरबा अंतर्गत पोडीबहार में महान संत, समाज सुधारक एवं सतनाम पंथ के प्रवर्तक सद्गुरु घासीदास बाबा की जयंती (गुरु पर्व) श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ धूमधाम से मनाई गई। यह गरिमामय आयोजन सतनामी समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री सुरेश धारी के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत विधि-विधान के साथ गुरु गद्दी, जोड़ा जैतखाम की पूजा-अर्चना से की गई, जिसमें समाज के वरिष्ठजनों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर गुरु बाबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इसके पश्चात सत्य, अहिंसा और समानता के प्रतीक श्वेत ध्वज को श्री सुरेश धारी के करकमलों से विधिवत चढ़ाया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय भाव उत्पन्न हो गया।

गुरु घासीदास बाबा के जीवन दर्शन, सतनाम पंथ की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि बाबा घासीदास ने “सतनाम” का उद्घोष कर समाज को सत्य के मार्ग पर चलने, भेदभाव मिटाने और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा दी। उनका संदेश आज भी समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए पथप्रदर्शक है।
कार्यक्रम उपरांत सतनाम प्रसादी भोजन का आयोजन किया गया, जिसमें सभी आगंतुक संत समाज, श्रद्धालुओं एवं उपस्थितजनों को श्री हिमांशु धारी के सौजन्य से प्रसादी ग्रहण कराई गई। प्रसादी वितरण में सामाजिक समरसता और सेवा भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
इस अवसर पर अखिल भारतीय सतनामी युवा कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री मनीराम जांगड़े की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही श्री सूरज दिवाकर, श्री नरेंद्र भारद्वाज, श्री कैलाश यादव, श्री विशाल राम, श्री बी.एल. निराला, श्री राम बंजारे, श्री भुवनेश्वर, श्रीमती दिव्या, श्रीमती राजकुमारी दिवाकर सहित सतनामी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं सर्व समाज के वरिष्ठजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और एकता का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों को आत्मसात करने तथा समाज को सत्य, समानता और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।





