January 21, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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धर्मांतरण के विरुद्ध सर्व समाज का ऐतिहासिक एकजुट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ बंद कोरबा में रहा पूरी तरह सफल

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****// कोरबा। प्रदेश में लगातार सामने आ रही धर्मांतरण की गंभीर घटनाओं के विरोध में सर्व समाज के आह्वान पर बुधवार 24 दिसंबर 2025 को आयोजित छत्तीसगढ़ बंद को कोरबा जिले में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। सर्व समाज की एकजुटता, व्यापारिक संगठनों के सहयोग और नागरिकों की स्वस्फूर्त भागीदारी से यह बंद पूरी तरह सफल रहा। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें और व्यावसायिक संस्थान बंद रहे, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि धर्मांतरण जैसे गंभीर विषय पर पूरा समाज एकमत है।

 

 

इस बंद को सफल बनाने में समाज के विभिन्न वर्गों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सर्व समाज की ओर से पूर्व में ही व्यापारिक संस्थानों, दुकानदारों और आम नागरिकों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई थी, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही और लोगों ने अनुशासन के साथ विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से योगेश जैन, नरेंद्र अग्रवाल, ओमी रामानी, आर पी तिवारी, नरेश अग्रवाल, जतिन डोडेजा, पारस जैन, प्रेम गुप्ता, जयकिशन सोनी, कैलाश नाहक, नागेन्द्र सिंह, योगेश मिश्रा, नवनीत राहुल शुक्ला, राजेन्द्र सिंह राजपूत, नवीन जायसवाल, लक्ष्मी साहु, विनोद यादव, जगदीश सोनी, संतोष अग्रवाल, परसराम रामानी, रमाशंकर साहु, स्वाति सिंह, ईश्वर पटेल, भोलु पार्षद, रुबी सागर, आत्माराम गंधर्व, सोनु साहु, चंदन गिरी, किशोर भाई पटेल, बालकृष्ण सिंह, झखेन्द्र देवांगन, शारदा चरण तिवारी, उत्तम पाठक, अजय पाण्डेय, जगदीश श्रीवास, गिरीश नामदेव, अशोक पाल, जीतेन्द्र पांडेय, सूरज पांडेय, विजय गुप्ता, अशोक मोदी, भगवती अग्रवाल, जय कुमार सोनी, नरेश जगवानी, निमेश्वरी पवार, प्रमिला सागर, सुकेश दलाल, सुरेश देवांगन एवं पिंकी यादव सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाएं सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा हैं और समाज इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई हो और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।
कुल मिलाकर कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ बंद ने यह साबित कर दिया कि जब समाज किसी मुद्दे पर एकजुट होता है तो उसका प्रभाव व्यापक और निर्णायक होता है। यह बंद सर्व समाज की चेतना, एकता और सामाजिक सरोकारों की मजबूत अभिव्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा।

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