राज्योत्सव-2025 में चमकी डीपीएस बालको की नन्ही सितारा अर्शिका आर्या — कथक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को किया गौरवान्वित






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/कोरबा, 04 नवम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव-2025 के मंच पर डीपीएस बालको की बाल कलाकार अर्शिका आर्या ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली कथक प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। 2 से 5 नवम्बर तक कोरबा जिला मुख्यालय में आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक उत्सव में जहां अनेक कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की लोक एवं शास्त्रीय परंपराओं का प्रदर्शन किया, वहीं नन्ही अर्शिका की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ने समूचे समारोह का केंद्र बिंदु बनकर सभी का ध्यान आकर्षित कर लिया।
कक्षा चौथी की छात्रा अर्शिका आर्या ने मंच पर जिस निपुणता और आत्मविश्वास के साथ पारंपरिक कथक की प्रस्तुति दी, उसने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी भारतीय शास्त्रीय कला की गहराई और सौंदर्य को न केवल समझती है, बल्कि उसे गर्वपूर्वक आगे बढ़ा रही है। गुरु रंजीत नायक के निर्देशन में तैयार की गई उनकी यह प्रस्तुति लय, ताल, भाव और नृत्य की सौंदर्यता का अद्भुत संगम रही। उनके प्रत्येक भाव ने दर्शकों के मन को छू लिया और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अर्शिका की नृत्य प्रस्तुति में जहाँ शास्त्रीय परंपरा की गहराई झलक रही थी, वहीं उसमें बालपन की सहजता और मासूमियत का मोहक मिश्रण देखने को मिला। उपस्थित विशिष्ट अतिथियों और कला प्रेमियों ने उनकी सराहना करते हुए कहा — “अर्शिका आर्या जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की सच्ची धरोहर हैं, जो आने वाले समय में राज्य का गौरव बनेंगी।”
अर्शिका पूर्व में बिलासपुर, भिलाई और पुणे सहित कई प्रमुख मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं, जहाँ उन्हें नृत्य की भावनात्मक गहराई और अभिव्यक्ति के लिए लगातार सराहना मिली है। उनके नृत्य में भावनाओं की सजीवता और कथक की लयात्मकता का ऐसा सुंदर मेल होता है जो हर दर्शक को भारतीय संस्कृति के करीब ले आता है।
उनके पिता बालको संयंत्र में कार्यरत हैं, जबकि माता शिक्षा विभाग में व्याख्याता हैं। दोनों ही अपने बेटी की कलात्मक यात्रा के प्रेरणास्रोत हैं। गुरु रंजीत नायक के स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन और परिवार के निरंतर सहयोग ने अर्शिका के व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्योत्सव-2025 में मिली यह उपलब्धि न केवल अर्शिका आर्या और डीपीएस बालको के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरे कोरबा जिले की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण भी है। अर्शिका ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी में कला की वह लौ आज भी प्रज्वलित है, जो आने वाले वर्षों में राज्य को सांस्कृतिक रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।





