खाटू श्याम जन्मोत्सव पर डीडीएम रोड से निकली भव्य निशान यात्रा — शहर हुआ श्याममय, भक्तिमय उल्लास में डूबा खाटू श्याम मंदिर


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। बाबा खाटू श्याम जी के पाटोत्सव के शुभ अवसर पर शनिवार को विजय अग्रवाल जी के निवास डीडीएम रोड से निकली भव्य निशान यात्रा ने कोरबा शहर को पूरी तरह श्याममय बना दिया। आस्था, भक्ति और आनंद का ऐसा अलौकिक संगम देखने को मिला जिसने हर हृदय को श्याम नाम के रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं का उत्साह, जगह-जगह पुष्प वर्षा और भक्ति संगीत की गूंज ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया।


सुबह शुभ मुहूर्त में आरती और पूजा-अर्चना के साथ निशान यात्रा की शुरुआत हुई। महिलाएं, बच्चे और युवा पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे, हाथों में निशान और ध्वज थामे “जय श्री श्याम” और “हारे के सहारे खाटू श्याम हमारे” के जयघोष के साथ आगे बढ़े। डीजे की ताल पर नाचते-गाते श्रद्धालु भक्ति में इस कदर लीन थे कि हर कदम बाबा श्याम के नाम पर झूमता नजर आया।
यात्रा का मुख्य आकर्षण बबीता द्वारा प्रस्तुत भव्य झांकी रही, जिसने सभी का मन मोह लिया। पुष्प सज्जा और भक्तिभाव से सजी झांकी जब यात्रा के साथ आगे बढ़ी, तो पूरा मार्ग “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज उठा।
निशान यात्रा डीडीएम रोड से निकलकर पावर हाउस, दर्री रोड, निहारिका चौक, सीएसईबी रोड होते हुए खाटू श्याम मंदिर मिशन रोड पहुंची। मार्ग में अनेक स्थानों पर भक्तों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और प्रसाद वितरण किया गया। जब यात्रा मंदिर परिसर में पहुंची, तो गगनभेदी जयकारों के बीच मंदिर की घंटियों की ध्वनि से पूरा इलाका श्याममय हो उठा।

मिशन रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर को इस अवसर पर फूलों, रंग-बिरंगी रोशनियों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया था। मंदिर प्रांगण में जन्मोत्सव आरती, भजन संध्या और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। भक्तों ने बाबा श्याम के चरणों में निशान अर्पित कर मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगा।
पूरे आयोजन में श्रद्धा, आनंद और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम दिखाई दिया। डीडीएम रोड से लेकर मिशन रोड तक सड़कों पर उमड़ा भक्तों का सैलाब बाबा श्याम के प्रति अमिट आस्था और प्रेम का प्रतीक बन गया।
बाबा खाटू श्याम जी का यह पाटोत्सव कोरबा शहर के लिए यादगार बन गया — जहां हर दिशा से “जय श्री श्याम” के स्वर गूंज रहे थे और हर चेहरा भक्ति और आनंद से खिल उठा था।

