कचरा स्थल बने सौंदर्य की मिसाल: आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की पहल से कोरबा में निखर रही स्वच्छता की नई तस्वीर






कोरबा।कोरबा नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में तेजी से बदलाव दिख रहा है। जहाँ कभी सड़कों के किनारे और खाली स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आते थे, वहीं अब उन स्थानों पर सुंदरता बिखर रही है। यह परिवर्तन नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के नेतृत्व में नियमित मार्निंग विजिट और निरंतर निगरानी का परिणाम है।
आयुक्त पाण्डेय ने शुक्रवार को शहर की विभिन्न स्वच्छता लक्षित इकाइयों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थान पर दोबारा कचरा डम्पिंग प्वाइंट न बनने पाए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कचरा फेंके जाने की संभावना दिखाई दे, तो तुरंत उस स्थल को सुरक्षित कर सौंदर्यीकरण का कार्य आरंभ किया जाए।
कचरा डम्पिंग प्वाइंट बने स्वच्छता लक्षित इकाइयाँ
नगर पालिक निगम कोरबा ने वार्ड और बस्तियों में डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण की प्रभावी व्यवस्था लागू की है। निगम की स्वच्छता दीदियाँ प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा एकत्र कर रही हैं, लेकिन पहले कुछ लोग सड़क किनारे या खाली जगहों पर कचरा डाल दिया करते थे, जिससे वे स्थल अस्थायी कचरा डम्पिंग प्वाइंट में बदल जाते थे।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के मार्गदर्शन में ऐसे स्थलों को शासन की गाइडलाइन के तहत स्वच्छता लक्षित इकाई के रूप में चिन्हित किया गया। यहाँ लोहे की जालियों से घेरा बनाकर, पेवर ब्लॉक लगाए गए, आकर्षक थीम पेंटिंग्स बनाई गईं और पौधारोपण कर इन स्थलों को सुंदर स्वरूप दिया गया। अब इन जगहों पर न तो गंदगी दिखती है, न कचरा — बल्कि स्वच्छता और सौंदर्य का संदेश झलकता है।
डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण व्यवस्था का औचक निरीक्षण
आयुक्त पाण्डेय ने मार्निंग विजिट के दौरान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्वच्छता दीदियों से उनके कार्य की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि सूखा और गीला कचरा पृथक रूप से संग्रहित हो रहा है या नहीं। आयुक्त ने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि स्त्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए और समय पर अपशिष्ट का निस्तारण किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासगृहों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान आयुक्त पाण्डेय दादर बस्ती पहुंचे, जहाँ प्रधानमंत्री आवास योजना (ए.एच.पी. घटक) के अंतर्गत निर्मित आवासगृहों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, उनमें पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा हितग्राहियों को जल्द से जल्द आवासों में शिफ्ट कराया जाए।
साथ ही, आवासीय परिसर में सड़क निर्माण, सम्पवेल और एस.टी.पी. कार्य को अक्टूबर माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निर्माण एजेंसियों की लेटलतीफी पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान आयुक्त पाण्डेय ने निर्माण एजेंसियों की धीमी कार्यगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में लापरवाही या देरी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कार्यों में अपेक्षित गति नहीं लाई गई तो संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी रहे उपस्थित
इस मौके पर अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला एवं प्रकाश चंद्रा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय तिवारी, सहायक अभियंता लीलाधर पटेल, सोमनाथ डेहरे, अश्वनी दास, धवल शर्मा, सचीन्द्र थवाईत सहित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





