विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विद्यार्थियों में जागरूकता का संचार — दंतेश्वरी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दंतेवाड़ा में रंगोली, पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन






दंतेवाड़ा, 10 अक्टूबर 2025।
शासकीय दंतेश्वरी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दंतेवाड़ा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य इकाई, जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा के संयुक्त तत्वाधान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने हेतु रंगोली, पोस्टर और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. मंडल उपस्थित रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी स्थितियों को लेकर जागरूक रहें और समय पर उचित परामर्श लें।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रत्ना बाला मोहंती ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अभी भी अनेक प्रकार की रूढ़िवादी धारणाएँ व्याप्त हैं, जिनसे बाहर निकलना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने आस-पास के लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने का प्रयास करें और मानसिक रूप से स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार लहरी ने इस वर्ष के विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य न केवल व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि समाज की प्रगति में भी इसकी अहम भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज में मानसिक स्वास्थ्य के संदेश को प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर यूनिसेफ दंतेवाड़ा से श्रुति मैडम ने कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को कैसे सकारात्मक सोच, संतुलित जीवनशैली और संवाद के माध्यम से बेहतर रखा जा सकता है। वहीं सुश्री ममता साहू ने सामान्य मानसिक स्वास्थ्य लक्षणों के बारे में जानकारी दी तथा उनके बचाव के व्यावहारिक उपाय भी साझा किए।
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक डॉ. अंजली कश्यप, श्री सिद्धार्थ देवांगन, श्री दुष्यंत ताराम, श्री बंशीधर चौहान, सुश्री अंजलि मिंज, डॉ. भारती रजक (क्रीड़ाधिकारी) सहित अतिथि व्याख्याता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक विकारों को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और “स्वस्थ मन से स्वस्थ समाज” का संदेश दिया गया।





