कोरबा की सड़कें बनी विकास की धरोहर: गांव-गांव तक पहुँची समृद्धि और अवसर






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा, 08 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य अपने स्थापना के 25 वर्षों के रजत महोत्सव के अवसर पर विकास की सुनहरी कहानी लिख रहा है। इस ऐतिहासिक यात्रा में कोरबा जिला विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है, जहां सड़क संपर्क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार ने गांवों को शहरों, किसानों को बाजारों और नागरिकों को अवसरों से जोड़ा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पहाड़ी व वनांचल इलाकों के बावजूद राज्य शासन ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया है।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना : गांवों तक पहुंची पक्की राह
कोरबा जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 41 नई सड़कों का निर्माण हुआ, जिनकी कुल लंबाई 108.67 किलोमीटर है। इन सड़कों ने ग्रामीणों को अपने निकटतम बाजार, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ा। वर्षा ऋतु में आवाजाही की कठिनाइयाँ समाप्त हुईं, बच्चों को स्कूल तक सुरक्षित पहुँच मिली और किसानों के लिए अपने उत्पाद बाजार तक पहुँचाना आसान हुआ।
मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना : गांवों की पहचान और गौरव

136 गौरव पथों के निर्माण से 50.10 किलोमीटर लंबाई में गांवों की मुख्य गलियों का सौंदर्यीकरण और पक्की सड़कें बनाई गईं। इन सड़कों ने ग्रामीण जीवन को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुंदर बनाया। अब ग्रामीण कहते हैं, “हमारा गांव भी शहर जैसा दिखता है।”
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : दूरस्थ गांवों तक पहुंची नई रोशनी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 397 नई सड़कों और 13 वृहद पुलों का निर्माण हुआ, जिससे पर्वतीय और वनांचल क्षेत्र के गांव मुख्यधारा से जुड़ गए। अब नदी और नाले के कारण आने-जाने में होने वाली कठिनाइयाँ अतीत की बात बन गई हैं।
विकास की डगर पर कोरबा : हर गांव से जुड़ा अवसर
राज्य शासन ने सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सड़कें केवल भौतिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला बन गई हैं। ग्रामीण बाजारों और उद्यमिता को नई गति मिली है, महिला स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद आसानी से शहरों तक पहुँचा पा रही हैं, और छात्राएं सुरक्षित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन और रोजगार में बढ़ोतरी
सड़कों के निर्माण से कोरबा जिले के पर्यटन स्थलों तक आसान पहुँच हुई है। हसदेव नदी, पहाड़ी झरने और ग्रामीण पर्यटन स्थल अब पर्यटकों के लिए सुलभ हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों जैसे बालकोनगर, दीपका, गेवरा और कटघोरा तक बेहतर सड़क संपर्क ने औद्योगिक गतिविधियों को भी ऊर्जा दी है।
25 वर्षों की इस यात्रा में कोरबा की सड़कें सिर्फ भौतिक संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की गति, सामाजिक समृद्धि और सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षक बन गई हैं। आज हर ग्रामीण गर्व से कह सकता है – “हमारी सड़कों ने बदल दी हमारी दुनिया।”





