विजयादशमी पर चैतमा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शस्त्र पूजन समारोह सम्पन्न — राष्ट्र रक्षा एवं धर्म रक्षा का लिया संकल्प






चैतमा।विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति में शक्ति, सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मंडल चैतमा द्वारा आज विजयादशमी के पावन अवसर पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह एवं पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया।







कार्यक्रम की शुरुआत संघ के स्वयंसेवकों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन से हुई। शस्त्रों के पूजन के साथ राष्ट्र रक्षा और धर्म रक्षा का संकल्प दोहराया गया। इस दौरान वक्ताओं ने विजयादशमी पर्व के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह आत्मशक्ति, संगठन और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजन का अर्थ केवल अस्त्र-शस्त्र की पूजा नहीं, बल्कि यह संकल्प लेना भी है कि शक्ति का प्रयोग सदैव धर्म, सत्य और समाज के कल्याण के लिए किया जाए। वक्ताओं ने संघ की परंपरा और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने संघ प्रार्थना के साथ राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा एवं चरित्र निर्माण के अपने संकल्प को दोहराया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।
शस्त्र पूजन समारोह में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए और कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से —
डॉ. लक्ष्मीनारायण जायसवाल, श्री बृजेश यादव, श्री रामफल यादव, श्री शिव पटेल, श्री रामनाथ कश्यप, श्री शिवशंकर पटेल, श्री जयप्रकाश प्रजापति, श्री मिथुन यादव, श्री कैलाश उईके, श्री शीतल शर्मा, श्री संदीप प्रजापति, श्री हरि पटेल, श्री श्रवण पटेल, श्री प्रभाकर दुबे, श्री नील राजपूत, श्री पंचराम, श्री अविनाश ठाकुर, श्री प्रिंस कुमार पटेल, श्री बादल पटेल, श्री विजेंद्र कैवर्त, श्री इतवार दास, श्री राजकुमार, श्री विक्की, श्री बिपांशु, श्री छत्रपाल ठाकुर, श्री परदेशी कैवर्त सहित अनेक स्वयंसेवक बंधु उपस्थित रहे।
👉 यह आयोजन चैतमा मंडल में संघ के अनुशासन, परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।





