August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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शासन को चूना लगाने वाला तत्कालीन CEO सलाखों के पीछे— 30 लाख के महाघोटाले में श्रवण मरकाम गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से हुआ शासकीय धन का खेल

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**   बलरामपुर/वाड्रफनगर | विशेष संवाददाता।
जनपद पंचायत वाड्रफनगर में वर्ष 2013–14 के दौरान हुए लगभग 30 लाख रुपये के शासकीय गबन के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लंबे समय से कानून से बचते फिर रहे आरोपी की गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
फर्जी दस्तावेजों से विकास के नाम पर लूट
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने विकास कार्यों और योजनाओं के नाम पर स्वीकृत शासकीय राशि को कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के जरिए हड़प लिया। भुगतान प्रक्रिया में जानबूझकर हेराफेरी की गई, कार्यों को कागजों में पूरा दिखाया गया, जबकि जमीनी हकीकत में कई कार्य या तो अधूरे थे या अस्तित्व में ही नहीं थे। यह सीधा-सीधा शासन की योजनाओं के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका बताया जा रहा है।

 

ऑडिट में खुला राज, पुलिस जांच में पुख्ता सबूत
ऑडिट रिपोर्ट और विभागीय जांच में अनियमितताएं उजागर होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान भुगतान रजिस्टर, मस्टर रोल, कार्य स्वीकृति पत्र, माप पुस्तिका और बैंक लेन-देन की पड़ताल की गई। कई दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर, कूटरचना और मिलीभगत के ठोस संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह गबन सुनियोजित तरीके से किया गया।
चार आरोपी पहले ही जेल में, नेटवर्क की परतें खुलने लगीं
इस प्रकरण में पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस को शक है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित नेटवर्क के तहत अंजाम दिया गया, जिसमें विभागीय कर्मचारियों और बाहरी लोगों की भूमिका भी हो सकती है। अब गिरफ्तार CEO से पूछताछ के बाद घोटाले की पूरी चेन सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
फरारी पर पुलिस की सख्ती, दबिश में गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। हाल ही में उसकी मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलने पर वाड्रफनगर पुलिस ने टीम बनाकर दबिश दी और उसे धर दबोचा। न्यायालय में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कानूनी शिकंजा कस रहा, संपत्ति की भी होगी जांच
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय धन के गबन, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जनपद में उबाल— दोषियों को सख्त सजा की मांग
गिरफ्तारी की खबर से जनपद पंचायत और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शासन को हुए नुकसान की भरपाई संभव थी। अब लोगों की मांग है कि इस घोटाले में शामिल हर दोषी को बेनकाब कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में शासकीय धन की लूट पर रोक लग सके।

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