February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

मोदी जी की जीवनी पर बनी फिल्म ‘चलो जीते हैं’ ने दिया संदेश — सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत शनिवार को ट्रांसपोर्ट नगर चौक का माहौल अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी रहा, जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीवनी पर आधारित लघु फिल्म “चलो जीते हैं” का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


फिल्म प्रदर्शन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग सार्वजनिक उपक्रम वाणिज्य कर (आबकारी) श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर, कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत, निवर्तमान जिलाध्यक्ष एवं संयोजक राजीव सिंह, पार्षद अशोक चालवानी, नरेन्द्र देवांगन, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, कोरबा मंडल अध्यक्ष योगेश जैन, जिला मंत्री अजय दुबे, नरेन्द्र पाटनवार, प्रकाश अग्रवाल,अनिल वस्त्रकर , श्रीधर द्विवेदी, मिलाप बरेट,


प राकेश नागरमल अग्रवाल, रामकुमार त्रिपाठी, सरजू अजय, सूरज पांडेय, रीपू जायसवाल, नीरज ठाकुर, श्रीधर द्विवेदी, प्रकाश अग्रवाल, मिलाप बरेठ, प्रताप सिंह कंवर, चंदन सिंह, शिव चंदेल, संजीव शर्मा, सन्नी सिंह, परविंदर सिंह, रामअवतार पटेल, युगल कैवर्त, राम शंकर साहू, अन्नपूर्णा श्रीवास, दीपा राठौर, मनोज राठौर, राहुल श्रीवास, प्रमोद जांगड़े, अंशु तिवारी, अजय चंद्रा, राजेश लहरे, प्रदीप सिंह, विजय गुप्ता, सागर टेवानी सहित अनेक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
फिल्म का संदेश : “दूसरों के लिए जीना ही सबसे बड़ा धर्म”
फिल्म “चलो जीते हैं” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन की सच्ची घटना पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि बालक नरेन्द्र ने प्रारंभ से ही समाजसेवा और दूसरों की भलाई को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया था। उन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए भी दूसरों को सहारा दिया। यही जीवन दृष्टि आज उन्हें 140 करोड़ भारतवासियों के प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सेवा और समर्पण के मार्ग पर अग्रसर करती है।
फिल्म का मूल संदेश यही है कि जीवन का सबसे बड़ा धर्म सेवा है, और दूसरों के लिए जीना ही सच्चे जीवन का उद्देश्य है।
सीमित साधनों में गढ़ी प्रेरणादायक कथा
आज जब फिल्मों में करोड़ों का खर्च और आधुनिक तकनीक का उपयोग आम बात है, वहीं इस लघु फिल्म ने सीमित साधनों के बावजूद अटूट इच्छाशक्ति और सच्चे संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। फिल्म न केवल बचपन के आदर्शों और संस्कारों को उजागर करती है, बल्कि अतीत को वर्तमान से जोड़कर मोदी जी के संघर्ष और सेवा यात्रा का जीवंत चित्रण करती है।
हर नागरिक के लिए प्रेरणा
फिल्म देखने के बाद उपस्थित जनसमूह ने एकमत होकर कहा कि यह सिर्फ एक शॉर्ट फिल्म नहीं, बल्कि “जीवन का आईना” है, जो हर व्यक्ति को दूसरों के लिए जीने की प्रेरणा देती है। फिल्म के निर्माताओं की सादगीपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया।
उल्लेखनीय तथ्य
“चलो जीते हैं” वर्ष 2018 में बनी एक शॉर्ट फिल्म है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन से प्रेरित है। यह फिल्म किसी कमर्शियल मूवी की तरह नहीं, बल्कि समाज को जीवन जीने का गहरा संदेश देने वाली जीवंत और प्रेरणादायी कहानी है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.