कर्मचारियों की अनदेखी पर भड़का आक्रोश: कॉलोनियों की गंदगी और आवास समस्याओं को लेकर श्रम संघों का जोरदार धरना-प्रदर्शन, प्रबंधन के खिलाफ फूटा गुस्सा


कोरबा। एचक्यू (AHQ) कोरबा क्षेत्र में कर्मचारियों की लगातार अनदेखी और उनकी मूलभूत समस्याओं पर प्रबंधन की चुप्पी अब भारी पड़ रही है। समस्त श्रम संघ प्रतिनिधियों ने आज एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर जोरदार तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन की उदासीनता और लापरवाही ने उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है।
श्रम संघों द्वारा रखी गई मुख्य समस्याएँ और मांगे इस प्रकार हैं—
👉 कंपनी आवास और HRA का अभाव – बड़ी संख्या में कर्मचारी ऐसे हैं जिनके पास न तो कंपनी का आवास है और न ही उन्हें HRA दिया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
👉 कॉलोनियों में गंदगी और सीपेज की समस्या – कॉलोनियों में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह लचर है। दवाइयों का छिड़काव महीनों से नहीं किया गया है। कई कंपनी आवासों में सीपेज और जर्जर हालत से कर्मचारी परेशान हैं, मगर सिविल विभाग पूरी तरह चुप है।
👉 संवेदनशील पदों पर वर्षों से वही कर्मचारी – प्रबंधन ने अपने कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को सह देकर तीन साल से भी अधिक समय तक एक ही स्थान पर जमे रखा है, जबकि ये सभी पद संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। इससे अन्य कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है।
👉 पानी-बिजली और बेजा कब्जे की समस्या – कॉलोनियों में पानी-बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं है, वहीं कंपनी आवासों में धड़ल्ले से निडर होकर बेजा कब्ज़ा किया जा रहा है और प्रबंधन इस ओर आंखें मूंदे बैठा है।
धरने में उपस्थित श्रम संघ प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारी और उनके परिवार नारकीय स्थिति में जीने को मजबूर हैं, लेकिन प्रबंधन इन समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। आवासों में गंदगी और मरम्मत कार्य की अनदेखी, साथ ही बच्चों और महिलाओं को प्रभावित करने वाली मच्छरों की समस्या अब असहनीय हो चुकी है।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

