“टी संवर्ग” प्राचार्य पदोन्नति काउंसलिंग की विसंगतियों को दूर कर सभी 1355 प्राचार्यों को शामिल किया जाए – सतीश प्रकाश सिंह


रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ प्रगतिशील एवं नवाचारी शिक्षक महासंघ (CGPITF) के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने “टी संवर्ग” के प्राचार्य पदोन्नति काउंसलिंग में उत्पन्न विसंगतियों को दूर करने तथा पदोन्नत सभी 1355 प्राचार्यों को काउंसलिंग में शामिल कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी पदस्थापना आदेश जारी करने की मांग की है।

श्री सिंह ने मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव, अवर सचिव एवं इंद्रावती भवन में लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने 14 अगस्त 2025 को जारी काउंसलिंग नियमों-निर्देशों और 2:1:1 अनुपात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि नियमित व्याख्याताओं, प्रधान पाठकों, एलबी संवर्ग के व्याख्याताओं समेत सभी पदोन्नत प्राचार्यों को समान अवसर मिल सके।
सतीश प्रकाश सिंह ने यह भी मांग रखी कि काउंसलिंग में दिव्यांगजन, सेवानिवृत्ति के निकट पहुँच चुके अधिकारी-कर्मचारी, गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों सहित सभी को नियमानुसार प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, सूची में सेवानिवृत्त हो चुके नामों को हटाकर पात्र वरिष्ठ व्याख्याता एवं प्रधान पाठकों को शामिल किया जाए।
उन्होंने शासन से आग्रह किया कि माननीय हाईकोर्ट में लंबित “ई संवर्ग” प्राचार्य पदोन्नति प्रकरण का निर्णय आने के बाद, तत्काल प्रभाव से कार्यवाही कर “ई संवर्ग” के सभी पात्र प्राचार्यों को भी काउंसलिंग में सम्मिलित कर पदस्थ किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया में निष्पक्षता बरती गई तो प्रदेश के प्राचार्यविहीन विद्यालयों में पूर्णकालिक प्राचार्य पदस्थ होंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर प्रदेशभर में ऊँचा उठेगा।

