अजा एकादशी व्रत 19 अगस्त को — व्रत कथा श्रवण मात्र से मिलता है अश्वमेध यज्ञ का फल : नाड़ीवैद्य पंडित नागेंद्र नारायण शर्मा


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष अजा एकादशी व्रत 19 अगस्त 2025, मंगलवार को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत सभी प्रकार के पापों का नाश करने वाला और वैकुंठ की प्राप्ति कराने वाला है।
पंचांग गणना के अनुसार एकादशी तिथि 18 अगस्त 2025, सोमवार को सायं 05 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ होकर 19 अगस्त 2025, मंगलवार को मध्यान्ह 03 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। व्रत पारण का समय 20 अगस्त 2025, बुधवार को प्रातः 05 बजकर 53 मिनट से 09:00 बजे तक निर्धारित है।
नाड़ीवैद्य पंडित नागेंद्र नारायण शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अजा एकादशी व्रत का महत्व अत्यंत महान है। पौराणिक कथा के अनुसार सत्यनिष्ठ राजा हरिश्चंद्र ने इस व्रत के प्रभाव से अपने समस्त पापों का नाश किया और पुनः अपने राज्य और परिवार को प्राप्त कर स्वर्गलोक की प्राप्ति की।
पंडित शर्मा ने बताया कि इस व्रत में भगवान विष्णु के ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप, विधिपूर्वक पूजन एवं रात्रि जागरण विशेष फलदायी माना गया है। जो श्रद्धालु अजा एकादशी का व्रत करते हैं, उन्हें समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है और अंततः परमधाम की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि इस व्रत की कथा के श्रवण मात्र से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। अतः सभी श्रद्धालुओं को इस व्रत का पालन कर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहिए।

