कटघोरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शाखा टोली अभ्यास वर्ग सम्पन्न, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता का मिला प्रशिक्षण



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/ कटघोरा, 3 अगस्त 2025 (रविवार)। कटघोरा नगर के हृदय स्थल अग्रसेन भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित दिवसीय आवासीय शाखा टोली अभ्यास वर्ग का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अभ्यास वर्ग में 143 स्वयंसेवक शिक्षार्थियों ने भाग लेकर संगठनात्मक जीवन, अनुशासन एवं शारीरिक-मानसिक विकास का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इस अभ्यास वर्ग में 18 प्रशिक्षक शिक्षार्थियों को मार्गदर्शन देने के लिए उपस्थित रहे, जबकि 15 स्वयंसेवकों की टीम ने प्रशासनिक एवं दैनिक व्यवस्थाओं की ज़िम्मेदारी निष्ठा से निभाई। कटघोरा और बांकी मोंगरा क्षेत्र के समाजसेवी, व्यापारीगण एवं ग्रामीण कारोबारियों ने समयबद्ध सहभागिता करते हुए राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में अपना सहयोग दिया।
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने स्वयं वर्ग स्थल पर पहुंचकर प्रशिक्षण में भाग ले रहे स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षकों के साथ भूमि पर बैठकर सामूहिक भोजन किया, जिससे संघ के “समानता और सेवा के संस्कार” की जीवंत मिसाल प्रस्तुत हुई। उनकी यह सहभागिता स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

इस प्रशिक्षण वर्ग का प्रमुख उद्देश्य शाखा टोली के कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक कार्यशैली, अनुशासन, शारीरिक अभ्यास, नेतृत्व कौशल एवं सांघिक जीवन के प्रति निष्ठावान बनाना रहा। दो दिवसीय सत्रों के दौरान वैचारिक प्रशिक्षण, योग, खेल, गीत, समूह चर्चा एवं नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर केंद्रित गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें सभी शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कोरबा विभाग के विभाग कार्यवाह श्री रामविलास पाल जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में स्वयंसेवकों से समाज निर्माण की दिशा में संगठित प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रशिक्षण आने वाले समय में शाखा कार्य की दृढ़ नींव रखेगा और समाज में संस्कार आधारित नेतृत्व विकसित करेगा।
प्रशिक्षकों एवं आयोजकों ने वर्ग में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों के उत्साह, समय पालन एवं अनुशासन की विशेष सराहना की। अभ्यास वर्ग की सफलता में स्थानीय कार्यकर्ताओं की सतत मेहनत, सजगता एवं समर्पण की उल्लेखनीय भूमिका रही।
कार्यक्रम की जानकारी स्वयंसेवक दीपक पटेल (जवाली) द्वारा प्रदान की गई। यह आयोजन न केवल संघ कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में संगठित और अनुशासित जीवनशैली की प्रेरणा भी बनकर सामने आया।


