कार्बन फैक्ट्री से फैल रहा जहरीला धुआं, मजदूरों का शोषण और ग्रामीणों का स्वास्थ्य खतरे में; विधायक प्रतिनिधि ने दी आंदोलन की चेतावनी




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। ग्राम गोढ़ी में संचालित वेस्टर्न कोक प्रोडक्ट्स (कार्बन फैक्ट्री) पर गंभीर आरोप लगाते हुए रामपुर विधायक प्रतिनिधि आशीष गांगुली ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा को शिकायत सौंपी है। शिकायत में न केवल फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया है बल्कि मजदूरों के शोषण और फैक्ट्री प्रबंधन की मनमानी को भी उजागर किया गया है। उन्होंने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो फैक्ट्री का घेराव कर तालाबंदी की जाएगी।

आशीष गांगुली ने अपनी शिकायत में कहा कि वेस्टर्न कोक प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में आस-पास के ग्रामीण मजदूरी के लिए आते हैं। फैक्ट्री संचालक के पुत्र अंकुश अग्रवाल पर मजदूरों के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। कुछ समय पूर्व ग्राम पंचायत गढ़उपरोड़ा के आश्रित ग्राम कदमझरिया निवासी संतोष पहाड़ी कोरवा, जिनकी उम्र लगभग 14 से 18 वर्ष बताई जा रही है और जिन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है, फैक्ट्री में कार्य के दौरान घायल हो गए। उनके हाथ कटने की घटना के बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुआं और कचरा क्षेत्र के कचांदी नाला में मिल रहा है, जिसका पानी पशु और ग्रामीण उपयोग कर रहे हैं। इसके कारण कई ग्रामीण त्वचा व आंखों की बीमारियों से ग्रसित हो गए हैं। दैहानभांठा बस्ती, जहां स्कूल और आंगनबाड़ी हैं, वहां के छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
आरोप है कि यह फैक्ट्री शासकीय जमीन पर कब्जा कर संचालित की जा रही है और इसके बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। विधायक प्रतिनिधि ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर फैक्ट्री के खिलाफ जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो वे कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ मिलकर फैक्ट्री का घेराव कर तालाबंदी करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना के लिए प्रशासन और शासन जिम्मेदार होंगे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्ट्री के प्रदूषण और मजदूरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत पहले भी की गई थी लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन मिले। अब लोगों का सब्र टूट रहा है और वे आंदोलन के लिए तैयार हैं।


