August 23, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“सीईओ जिला पंचायत होश में आओ…” के नारों से गूंजा परिसर, अध्यक्ष पवन सिंह समेत जनप्रतिनिधियों का उग्र हल्लाबोल

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//कोरबा,12 मई 2026
कोरबा जिला पंचायत मंगलवार को भारी हंगामे और राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया, जब जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र धरना-प्रदर्शन किया।
जिला पंचायत परिसर में घंटों तक नारेबाजी होती रही और माहौल पूरी तरह गरमा गया। प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधि लगातार जोरदार आवाज में नारे लगा रहे थे —
“सीईओ जिला पंचायत होश में आओ…”
“भ्रष्टाचार बंद करो…”
“5 प्रतिशत का खेल बंद करो…”
“जनप्रतिनिधियों का अपमान बंद करो…”
वीडियो में साफ देखा और सुना जा सकता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि बेहद आक्रोशित नजर आ रहे हैं। जिला पंचायत कार्यालय के भीतर ही धरने पर बैठकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन इतना उग्र था कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी और तनावपूर्ण माहौल बन गया।
“जिला पंचायत कोरबा और जनपद पंचायत करतला के हर काम की हो जांच”

 

 

धरने के दौरान जनप्रतिनिधियों ने सबसे गंभीर आरोप कथित “5 प्रतिशत कमीशन” को लेकर लगाए। उनका कहना था कि जिला पंचायत कोरबा और जनपद पंचायत करतला के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं की चर्चा लगातार हो रही है।
जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई कि जिला पंचायत कोरबा एवं जनपद पंचायत करतला के अंतर्गत जितने भी विकास और निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन सभी की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना था कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो खुद-ब-खुद सामने आ जाएगा कि आखिर “कितना प्रतिशत” और किस स्तर पर लिया जा रहा है।
धरने के दौरान कई प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बिना “ऊपर तक हिस्सा पहुंचाए” फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खुले मंच से लगाए गए इन आरोपों ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
पवन सिंह का सीधा हमला — “जनता के प्रतिनिधियों की आवाज दबाई जा रही”
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि पंचायतों में जनता विकास के लिए प्रतिनिधियों को चुनकर भेजती है, लेकिन अधिकारियों द्वारा उनकी बात तक नहीं सुनी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ और कथित भ्रष्टाचार की जांच नहीं कराई गई, तो आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।
रेणुका राठिया बोलीं — “यह गुस्सा सिस्टम की सच्चाई बता रहा”
जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य और जनपद प्रतिनिधि एक साथ सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएं, तो यह केवल विरोध नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के भीतर फैले आक्रोश की तस्वीर है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की चर्चा अब आम हो चुकी है। इसलिए सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि जनता के सामने वास्तविकता आ सके।

 

 

तीन घंटे इंतजार के बाद भड़का आक्रोश
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग को बैठक में बुलाया गया था, लेकिन आरोप है कि लंबे इंतजार के बावजूद वे बैठक में नहीं पहुंचे। इससे नाराज जनप्रतिनिधि सीधे धरने पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
इसके बाद जिला पंचायत परिसर में घंटों तक नारेबाजी होती रही और पूरा माहौल गरमाया रहा। देर शाम तक जिला पंचायत परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और जनप्रतिनिधियों ने साफ संकेत दिए कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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