कोरबा की बुधवारी बाजार बनी गंदगी का भंडार, सफाई व्यवस्था चरमराई, जिम्मेदार बेपरवाह




कोरबा, 1 जुलाई 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा शहर के मध्य स्थित प्रमुख हाट क्षेत्र बुधवारी बाजार इन दिनों गंदगी, बदबू और अव्यवस्था का पर्याय बनता जा रहा है। यह बाजार, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में नागरिक सब्जी, फल और अन्य दैनिक वस्तुओं की खरीददारी के लिए पहुंचते हैं, अब चारों ओर फैली गंदगी और अस्वस्थ वातावरण के कारण जनता की नाराज़गी का कारण बन गया है।

बाजार के चारों तरफ और अंदरूनी गलियों में कचरे के ढेर, सड़ चुकी सब्जियों, अवरोधित नालियों और गंदे पानी के जमाव से आने-जाने वाले नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि वो मजबूरी में गंदगी के बीच दुकानें लगाने को मजबूर हैं, क्योंकि नगर निगम और सफाई एजेंसियों की ओर से कोई प्रभावी सफाई नहीं हो रही।
नालियाँ भरी, पानी जाम – व्यवस्था ध्वस्त
बुधवारी बाजार की नालियाँ पूरी तरह कचरे से जाम हो चुकी हैं, जिससे पानी का बहाव रुक गया है और जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नालियों से बहता कचरा सड़कों पर फैल रहा है, जिससे मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

सफाई ठेकेदार और निरीक्षक निष्क्रिय
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सफाई ठेकेदार और नगर निगम के निरीक्षक पूरी तरह निष्क्रिय हैं। हर दिन बाजार सजता है, हर दिन गंदगी दिखती है, लेकिन न कोई जिम्मेदार आता है और न ही सफाई होती है। प्रशासन की चुप्पी और उपेक्षा ने लोगों में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है।
नियमित सफाई और निगरानी की सख्त जरूरत
बाजार क्षेत्र में न तो नियमित सफाई, न ही कचरा संग्रहण, और न ही नालियों की सफाई की कोई समयबद्ध व्यवस्था है। नागरिकों ने मांग की है कि बुधवारी बाजार जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर डेली क्लीनिंग टीम, डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था, और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
जनता का फूटा आक्रोश, नगर निगम से जवाबदेही तय करने की मांग
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने नगर निगम से तत्काल सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। नागरिकों ने यह भी कहा कि यदि कोरबा शहर के बीचोंबीच स्थित मुख्य बाजार की यह हालत है, तो बाकी क्षेत्रों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
नागरिकों की प्रमुख मांगें:
बुधवारी बाजार में दैनिक सफाई अनिवार्य की जाए।
कचरा संग्रहण के लिए निर्धारित समय और वाहन तय हों।
जवाबदेही तय करते हुए ठेकेदार व निरीक्षकों पर कार्रवाई हो।
नालियों की सफाई के लिए विशेष टीम बनाई जाए।
बाजार में डिजिटल निगरानी (CCTV) और सफाई रिपोर्टिंग सिस्टम लागू हो।
कोरबा नगर निगम द्वारा स्वच्छता को लेकर शहर में मास्टर प्लान की घोषणा की गई है, लेकिन जब तक बुधवारी बाजार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जमीनी कार्य नहीं होगा, तब तक योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह जाएंगी। नगर निगम को चाहिए कि वह तुरंत स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि जनता को स्वच्छ और सुरक्षित बाजार का वातावरण मिल सके।


