“25 जून 1975: लोकतंत्र का सबसे काला दिन — सुभाष राठौर ने आपातकाल की बरसी पर दी श्रद्धांजलि, कांग्रेस की तानाशाही प्रवृत्ति पर किया करारा प्रहार”




📍कोरबा, 25 जून 2025
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ आपातकाल की 50वीं बरसी पर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के उस काले अध्याय को याद करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष राठौर ने कांग्रेस की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर हुए हमले को देश की आत्मा पर गहरी चोट बताते हुए कहा कि – “इमरजेंसी के काले अध्याय को कोई भी भारतीय कभी नहीं भूलेगा।”
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने सत्ता के मोह में लोकतंत्र को बंधक बनाकर देश पर आपातकाल थोप दिया था। संविधान की आत्मा, जो जनता के अधिकारों और स्वतंत्रता में निहित है, उस पर तानाशाही रवैये से गहरा आघात पहुंचाया गया। प्रेस पर सेंसरशिप, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और आम नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन – यह सब कांग्रेस की अलोकतांत्रिक सोच का परिणाम था।
सुभाष राठौर ने कहा कि उस अंधकारमय काल में लाखों लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष किया, जेलें झेली, अमानवीय यातनाएं सहीं लेकिन लोकतंत्र की लौ को बुझने नहीं दिया। यह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और देशप्रेम का ही परिणाम था कि आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों से लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि – “हम सभी को सजग प्रहरी की तरह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में खड़े रहना होगा, ताकि भविष्य में फिर कोई तानाशाही न लौटे।”
आखिर में उन्होंने आपातकाल के दौरान संघर्षरत रहे सभी लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उन्हें भारत के गौरव और लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी बताया।


