नशे में धुत सचिव बना ग्रामीणों की परेशानी का कारण, पंचायत भवन को बनाया विश्रामगृह; कार्रवाई की मांग तेज




कोरबा, 17 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत नवापारा पंचायत में पंचायत सचिव की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव नियमित रूप से मादक पदार्थों का सेवन कर नशे की हालत में पंचायत भवन पहुंचते हैं और वहीं दिनभर आराम फरमाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव न तो कार्यालय समय का पालन करते हैं और न ही नागरिकों की समस्याओं का समाधान करते हैं। जब कोई ग्रामीण किसी दस्तावेज या कार्य से संबंधित जानकारी लेने पंचायत कार्यालय पहुंचता है, तो सचिव नशे की हालत में उल्टा गाली-गलौज करने लगते हैं। ग्रामीणों ने पहले भी इस सचिव का एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें वह पंचायत भवन में मादक पदार्थ के नशे में बेसुध पड़े मिले थे। अब एक बार फिर ऐसा ही दृश्य सामने आने से ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है।
प्रशासन पर भी उठे सवाल
यह समस्या केवल नवापारा पंचायत तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक की अन्य कई ग्राम पंचायतों में भी सचिवों की कार्यशैली इसी तरह की है। जनता से दूरी, कार्यों में रुचि की कमी और भ्रष्टाचार जैसे मामलों की भरमार है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को इन सबकी जानकारी होने के बावजूद सिर्फ औपचारिक नोटिस थमाकर खानापूर्ति की जाती है, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
सचिवों की भारी कमी बनी रोड़ा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ब्लॉक में सचिवों की भारी कमी के कारण एक ही व्यक्ति को दो-तीन पंचायतों का कार्यभार सौंपा गया है। ऐसे में किसी सचिव को निलंबित या बर्खास्त करना कठिन निर्णय माना जाता है, क्योंकि इससे शेष पंचायतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है।
ग्रामीणों की दो-टूक बात
ग्रामीणों का तर्क है कि यदि कोई सचिव अपने कर्तव्यों का पालन ही नहीं कर रहा, तो उसके बने रहने से ज्यादा बेहतर है कि उसे हटाकर किसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। ऐसी स्थिति में न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि जनता का भरोसा भी पंचायत व्यवस्था से उठता जा रहा है।
क्या होगी कार्रवाई?
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस लापरवाह सचिव पर कब तक कार्रवाई होगी? क्या प्रशासन फिर एक नोटिस जारी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगा या इस बार जनता के आक्रोश को देखते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे? यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जनता की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है।
ग्रामीणों की मांग:
दोषी सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए
पंचायत भवन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
भ्रष्टाचार व लापरवाही पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाए
हर पंचायत को पूर्णकालिक सचिव उपलब्ध कराया जाए


