March 11, 2026

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कटघोरा का राधासागर तालाब होगा अब अधिक स्वच्छ और सुविधाजनक, नगर पालिका ने शुरू किया सफाई अभियान

कोरबा, 17 जून 2025।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कटघोरा तहसील अंतर्गत स्थित राधासागर तालाब, जो वर्षों से स्थानीय लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है, अब पुनः संवरने की राह पर है। नगर पालिका परिषद कटघोरा ने जनहित को देखते हुए मानसून से पहले इसकी सफाई एवं व्यवस्था सुधार का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

तालाब की ऐतिहासिक और सामाजिक उपयोगिता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि सर्वप्रथम उन हिस्सों की विशेष सफाई कराई जाए जहां आमजन निस्तार, स्नान तथा अन्य कार्यों के लिए नियमित रूप से पहुंचते हैं। इस पहल को स्थानीय निवासियों ने स्वागत योग्य कदम बताया है।

पीढ़ियों से जुड़ी आस्था और आवश्यकता
राधासागर तालाब को कटघोरा में एक प्राचीन धार्मिक और उपयोगी जल स्रोत के रूप में जाना जाता है। यहां 12 महीने जल उपलब्ध रहता है, जिसके कारण यह स्नान, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता रहा है। इसकी इसी विशिष्टता ने इसे एक सामुदायिक धरोहर के रूप में स्थापित किया है।

समस्याएं और सुधार की पहल
पिछले कुछ वर्षों में तालाब की देखरेख में कमी और नियमित सफाई न होने से यहां गंदगी और असुविधा बढ़ती गई। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी दुर्दशा की शिकायत नगर पालिका प्रशासन से की। अब जबकि मानसून के आगमन से पहले काम की शुरुआत हुई है, नगर पालिका का फोकस तालाब के घाटों की सफाई, ठोस अपशिष्ट हटाने और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर है।

नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि सफाई कार्य के अंतर्गत कचरा, कीचड़ और झाड़ियों को हटाया जा रहा है। इसके अलावा, प्रयास किए जा रहे हैं कि लोगों को तालाब तक पहुंचने और वहां दैनिक क्रियाएं संपन्न करने में कोई असुविधा न हो। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष दल कार्य में जुटे हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सराहना
स्थानीय नागरिकों एवं समाजसेवियों ने नगर पालिका की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि राधासागर तालाब की सफाई नियमित रूप से की जाती रही, तो यह स्थल न केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से उपयोगी रहेगा, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी योगदान देता रहेगा।

निगरानी और स्थायी समाधान की मांग
वहीं, नागरिकों ने यह भी अपेक्षा जताई है कि यह कार्य केवल एक बार की औपचारिकता न बन जाए। नियमित निरीक्षण, बजट प्रावधान और स्थानीय सहभागिता से ही तालाब की दीर्घकालिक सफाई एवं संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।

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