May 2, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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ऐतिहासिक नगरी तुमान में ‘ज्ञानभारतम’ अभियान की दस्तक — 100 पार बुजुर्गों की स्मृतियों में जीवित इतिहास, प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण को लेकर जागा जनजागरूकता का दीप

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**//  कोरबा  जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संजोए हुए प्राचीन नगरी तुमान में इन दिनों एक अनूठी और महत्वपूर्ण पहल ने नई चेतना का संचार कर दिया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में संचालित “ज्ञानभारतम” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत यहां प्राचीन पाण्डुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य तेज़ी से शुरू हो चुका है। यह अभियान न केवल भूली-बिसरी धरोहरों को खोजने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है।
दिनांक 30 अप्रैल 2026 को इस अभियान के जिला समन्वयक श्री सतीश प्रकाश सिंह अपनी टीम के साथ पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड के ग्राम तुमान पहुंचे। यहां उन्होंने ग्राम के वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों एवं पूर्व राजपरिवार के वंशजों से संवाद स्थापित करते हुए अभियान के उद्देश्य और महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पाण्डुलिपि, हस्तलिखित दस्तावेज या ऐतिहासिक अभिलेख सुरक्षित हैं, तो वे उन्हें “ज्ञानभारतम” एप के माध्यम से अपलोड कर डिजिटल संरक्षण में सहयोग दें।

 

 

इस सर्वेक्षण का सबसे भावनात्मक और गौरवपूर्ण पहलू तब सामने आया, जब ग्राम के 105 वर्षीय श्री बिधून दास महंत और 103 वर्षीय श्री जजमान सिंह कँवर ने अपनी सजीव स्मृतियों के माध्यम से तुमान की ऐतिहासिक विरासत को जीवंत कर दिया। दोनों ही बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार यह क्षेत्र प्राचीन काल में सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। उनकी बातों ने उपस्थित सभी लोगों को अतीत की गौरवगाथा से जोड़ दिया।
इसी क्रम में जिला समन्वयक श्री सतीश प्रकाश सिंह ने ग्राम पंचायत तुमान की सरपंच एवं पूर्व राजपरिवार की वंशज श्रीमती विमी सिंह (शालिनी) से भी भेंट की। चर्चा के दौरान सरपंच ने अपने पूर्वजों से प्राप्त ऐतिहासिक धरोहरों — जैसे अभिलेख, दस्तावेज एवं पाण्डुलिपियों — के संरक्षण हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि वे शीघ्र ही अपने पास सुरक्षित प्राचीन दस्तावेजों को खोजकर सर्वेक्षण टीम को उपलब्ध कराएंगी, ताकि उनका डिजिटलीकरण किया जा सके।
सर्वेक्षण के पूर्व ग्राम के मिडिल स्कूल परिसर में एक जागरूकता बैठक का आयोजन भी किया गया, जिसमें जिला समन्वयक श्री सतीश प्रकाश सिंह ने ग्रामीणों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को अपने मोबाइल फोन में “ज्ञानभारतम” एप डाउनलोड कर पाण्डुलिपियों के फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया भी सिखाई। इस पहल से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने इस कार्य में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पोड़ीउपरोड़ा तहसीलदार श्री विनय देवांगन, वरिष्ठ नागरिक श्री हरि नारायण सिंह कँवर, बुढ़ान सिंह, हरि प्रसाद, प्राचार्य अल्पना तिवारी, पटवारी संतोष चौहान, कोटवार गजानंद महंत, ग्राम सचिव छत सिंह पैकरा सहित हायर सेकेण्डरी स्कूल तुमान के व्याख्याता कामता जायसवाल, कैलाश, सोनसाय और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
समापन में:
तुमान में शुरू हुआ यह सर्वेक्षण अभियान केवल पाण्डुलिपियों की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक जड़ों को पुनः पहचानने और उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रखने की एक ऐतिहासिक पहल बनता जा रहा है। यदि इसी प्रकार जनसहभागिता बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब कोरबा जिले की यह ऐतिहासिक नगरी एक बार फिर अपने गौरवशाली अतीत के लिए देशभर में पहचान बनाएगी।

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