February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“आयुर्वेद का चमत्कार: 5 वर्षों से पीड़ित सोरायसिस मरीज को 15 दिनों में मिला राहत, नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा की चिकित्सा से संभव हुआ उपचार”

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। आयुर्वेद चिकित्सा की प्रभावशीलता का एक अद्भुत उदाहरण सामने आया है, जब जैजैपुर क्षेत्र के रीमाडीह निवासी प्रहलाद चंद्रा को वर्षों से चले आ रहे असाध्य चर्म रोग सोरायसिस से मात्र 15 दिनों में 75% तक राहत मिली।

प्रहलाद चंद्रा ने बताया कि वे पिछले लगभग 5 वर्षों से सोरायसिस नामक त्वचा रोग से पीड़ित थे। इस दौरान उन्होंने कई चिकित्सकों से उपचार कराया लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। निराशा की स्थिति में एक मित्र सुरेंद्र यादव ने उन्हें नाड़ी परीक्षण विशेषज्ञ और आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से संपर्क करने की सलाह दी।

नाड़ीवैद्य डॉ. शर्मा से परामर्श लेने के पश्चात उन्होंने आयुर्वेदिक उपचार की शुरुआत की। महज 15 दिनों में उन्हें 75% तक आराम मिल गया, जिसे वे किसी चमत्कार से कम नहीं मानते। प्रहलाद चंद्रा ने बताया, “मैंने उम्मीद छोड़ दी थी कि इस रोग से कभी छुटकारा मिलेगा। लेकिन डॉ. नागेंद्र शर्मा की चिकित्सा ने मुझे फिर से जीवनदान दिया। अब विश्वास हो गया है कि मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकूंगा।”

चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि सोरायसिस एक जटिल त्वचा रोग है, जो मुख्यतः जीवनशैली की गड़बड़ी, अनियमित खानपान और मानसिक तनाव के कारण होता है। इसके लक्षणों में त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, सफेद परत, दरारें, जलन और पतले द्रव का रिसाव प्रमुख हैं।

आयुर्वेद में इस रोग को ‘कुष्ठ’, ‘मंडल कुष्ठ’ या ‘किटिभ कुष्ठ’ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि यदि रोगी नियमपूर्वक आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करे, पथ्य-अपथ्य का ध्यान रखे और मानसिक संतुलन हेतु योग-प्राणायाम का अभ्यास करे, तो यह रोग जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि समाज में यह भ्रांति फैली हुई है कि आयुर्वेद का असर धीरे होता है। जबकि सच्चाई यह है कि यदि रोग का निदान सही हो, औषधि और अनुपान उचित हों तथा रोगी समर्पण भाव से चिकित्सा का पालन करे, तो आयुर्वेदिक उपचार तत्काल प्रभावी होता है और रोग को जड़ से समाप्त करता है।

उन्होंने अंत में कहा, “यह चमत्कार मेरा नहीं, बल्कि आयुर्वेद की शाश्वत और वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली का प्रमाण है। हमें गर्व है कि हम ऋषि परंपरा की इस विधा के संवाहक हैं।”

चिकित्सक संपर्क विवरण:
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा
पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय
महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका रोड, कोरबा (छत्तीसगढ़)
📞 मोबाइल: 9826111738

।। जय धन्वंतरि, जय आयुर्वेद ।।

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