February 12, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

“कुमारी शोभा सिंह प्रकरण: परिजनों ने मांगा बेटी का सुपुर्दनामा, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल”

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा *****/   कटघोरा निवासी कुमारी शोभा सिंह प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। लव जिहाद के संदिग्ध मामले में पीड़िता के माता-पिता श्री राकेश सिंह एवं श्रीमती विमलेश सिंह ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग को पत्र लिखकर अपनी पुत्री का सुपूर्दनामा मांगा है।

कुमारी शोभा सिंह पिछले 25 दिनों से महिला बाल विकास केंद्र (सखी केंद्र, उज्ज्वला केंद्र, बालको) में रह रही हैं, जबकि वह अपने परिजनों से लगभग 45 दिनों से अलग हैं।
परिजनों द्वारा भेजे गए पत्र की प्रति महिला बाल विकास मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, जिलाधीश, कोरबा और पुलिस अधीक्षक, कोरबा को भी अग्रेषित की गई है।

प्रशासन की एकतरफा कार्यवाही पर उठे सवाल

हिन्दू संगठनों, विशेषकर हिन्दू जागरण मंच ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंच के सदस्यों का कहना है कि पुलिस ने मामले की न तो समुचित जांच की और न ही परिवार की बात सुनी। आरोप है कि पुलिस ने तौसीफ मेमन द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्रों की बिना गहन जांच किए सीधे कुमारी शोभा सिंह को उसके सुपुर्द कर दिया।

बाद में लगातार हो रहे विरोध और शिकायतों के चलते प्रशासन ने शोभा सिंह को महिला संरक्षण केंद्र बालको में स्थानांतरित कर दिया, लेकिन अब तक उन्हें उनके माता-पिता को नहीं सौंपा गया है।

कोर्ट में लंबित है मामला

जानकारी के अनुसार, तौसीफ मेमन ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है, जिसकी सुनवाई 10 जून 2025 को मुख्य बेंच में होनी है। इस याचिका से यह तय होगा कि कुमारी शोभा सिंह की स्वेच्छा से रहन-सहन और अधिकारों को किस प्रकार सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रमाण पत्रों की जांच पर विवाद

हिन्दू संगठनों का कहना है कि पुलिस के पास मुस्लिम मैरिज एक्ट के तहत विवाह प्रमाण पत्र और धर्मांतरण न होने के प्रमाण पत्र मौजूद हैं, फिर भी उन दस्तावेजों की सत्यता की कोई वैज्ञानिक या वैधानिक जांच नहीं की गई।

यह भी कहा गया कि यदि धर्मांतरण नहीं हुआ, तो विवाह की वैधता भी सवालों के घेरे में है। प्रशासन की इस तथाकथित लापरवाही से न केवल माता-पिता मानसिक पीड़ा में हैं, बल्कि समाज में भी असंतोष का माहौल व्याप्त है।

हिन्दू संगठनों की मांग

हिन्दू जागरण मंच ने स्पष्ट रूप से प्रशासन से यह मांग की है कि:

तत्काल प्रभाव से कुमारी शोभा सिंह को उनके माता-पिता के सुपुर्द किया जाए।

पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए।

धर्मांतरण और विवाह प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच हो।

पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कर जवाबदेही तय की जाए।

अब पूरे जिले की नजर प्रशासन की अगली कार्यवाही और 10 जून को होने वाली न्यायालय की सुनवाई पर टिकी हुई है। यह मामला सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक संतुलन की गंभीर परीक्षा भी है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.